दैनिक उजाला, संवाद मथुरा : किसान कांग्रेस कमेटी की एक बैठक का आयोजन कैंप कार्यालय पर हुआ। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष ठाकुर नरेश पाल सिंह जसावत ने की।
ठाकुर नरेशपाल सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि छोटे विद्यालय, जहां छात्र संख्या कम है, उन्हें पास के बड़े विद्यालयों में मर्ज कर दिया जा रहा है। सरकार की यह तानाशाही ठीक नहीं है।
प्राइमरी पाठशाला में किसान, गरीब मजदूरों के नौनिहाल पढ़ते हैं। यह बिल्कुल गरीब के साथ धोखा है। ऐसे में गांव के लोगों की उम्मीद बिल्कुल खत्म हो जाएगी। हम मानते हैं कि हर गांव का स्कूल, उस गांव की शान होता है।
उसे विलय करना, उस गांव के भविष्य को छोटा करना है।
अन्य किसान कार्यकर्ताओं ने कहा कि RTE Act (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) साफ़ कहता है कि 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को स्थानीय स्तर पर शिक्षा मिलना अनिवार्य है।
फिर यह “मर्ज” किस अधार पर।
क्या आपने कभी गांव के उन रास्तों को देखा है, जो बारिश में कीचड़ और गर्मी में तपते हैं। अगर इन आदेशों को जमीन की सच्चाई से नहीं जोड़ा गया, तो शिक्षा का भविष्य सिर्फ़ रिपोर्टों और आंकड़ों में ही जीवित रह जाएगा। किसान कांग्रेस इसका पूरा विरोध करेगी। इसमें जरूरत पड़ेगी तो किसान कांग्रेस कलट्रेट का घेराव करेगी।
इसलिए हम चुप नहीं हैं।
किसान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अभिभावक और जागरूक नागरिक से पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया।
बैठक में बृजेश शर्मा एडवोकेट, संजीव वर्मा, पप्पन पहलवान, आदेश सिंह आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

