जोधपुर : जोधपुर की सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) टीम ने बुधवार को बैंक ऑफ बड़ौदा, रायमलवाड़ा शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक विवेक कच्छवाहा के खिलाफ दूसरी बार कार्रवाई करते हुए उनके घर पर छापा मारा। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले में की गई। CBI की टीम ने मंडोर के नागौरी बेरा इलाके में जय तीजा एनक्लेव स्थित कच्छवाहा के निवास पर सुबह से ही सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो शाम तक जारी रहा।
फरवरी में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे
CBI ने फरवरी 2025 में विवेक कछावा को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन स्वीकृत करने के एवज में 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। रिश्वत केस के बाद बैंक प्रबंधन ने विवेक कच्छवाहा को निलंबित कर दिया था। गिरफ्तारी के बाद से ही कच्छवाहा CBI की रडार पर थे और उनके बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों की गहन जांच की जा रही थी। जांच के दौरान उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी सामने आया, जिसके बाद यह छापेमारी की गई।
मैनेजर बनने के बाद अचानक बढ़ी संपत्तियां
सीबीआई (एसीबी) जोधपुर द्वारा 8 जुलाई को डीआईजी राजवीर सिंह के निर्देश पर सीबीआई के इंस्पेक्टर मदन बेनीवाल की ओर से दर्ज नई एफआईआर के अनुसार, विवेक कच्छवाहा के खिलाफ कच्छवाहा ने अपनी ज्ञात आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की है। कच्छवाहा ने 1 जून 2024 से लेकर 17 फरवरी 2025 के बीच 58 लाख 59 हजार 818 रुपए की संपत्तियां अर्जित की। इनमें स्वर्णाभूषण, कैश, बैंक बैलेंस, गाड़ी, शेयर्स और दईजर गांव के खसरा नंबर 94 में बड़ी कृषि भूमि भी खरीदी।

CBI की टीम बुधवार सुबह 9 बजे से मैनेजर विवेक कच्छवाहा के नागौरी बेरा स्थित घर पर छापेमारी कर रही है।
इस अवधि में परिवार की आय सिर्फ 17.48 लाख
सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार 1 जून 2024 से 17 फरवरी 2025 तक की अवधि में कच्छवाहा और उनके परिवार की कुल आय 17 लाख 48 हजार 460 रुपए ही होना सामने आया है। इसमें उनकी बैंक से मिलने वाली तनख्वाह भी शामिल थी। इसमें से भी कच्छवाहा द्वारा 5 लाख 75 हजार 329 रुपए का खर्चा किया, जिसमें से होम लोन की किश्त, इंकम टैक्स और अन्य घरेलू खर्चों के लिए चुकाई गई थी। यानी, शेष राशि के स्रोत प्रथमदृष्टया संदिग्ध थे।
260 प्रतिशत ज्यादा कमाई कहां से आई?
सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार कच्छवाहा की कुल आय 17,48,460 रुपए हुई। वहीं, अर्जित संपत्तियां, घर व अन्य खर्चे 64,35,147 रुपए के होना सामने आया है। यानि, 260 गुना अधिक कमाई के रूप में 46 लाख 86 हजार 687 रुपए की काली कमाई किए जाने की आशंका सामने आई है।

17 फरवरी को रिश्वत लेते पकड़ने पर तबीयत बिगड़ी तो सीबीआई टीम विवेक को हॉस्पिटल ले गई थी।

