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Wed. Mar 4th, 2026

सस्पेंड लेखपाल ने तहसील ऑफिस में जहर खाकर जान दी:हापुड़ DM ने निलंबित किया था

  • परिजन बोले- शिकायतकर्ता ने 5 लाख मांगे थे

हापुड़ : हापुड़ में सस्पेंड लेखपाल ने तहसील परिसर में जहर खा लिया। गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 3 जून को गांव चौपाल में सुनवाई के दौरान डीएम ने लेखपाल को सस्पेंड कर दिया था। दरअसल, किसान ने डीएम से लेखपाल और उनके सहायक पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।

परिजनों के मुताबिक, किसान शिकायत वापस लेने के लिए लेखपाल से 5 लाख रुपए मांग रहा था। इसी कारण वे परेशान चल रहे थे। सुभाष मीणा बुधवार को धौलाना तहसील पहुंचे और जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर साथी कर्मचारियों ने उन्हें गाजियाबाद के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया था।

लेखपाल की मौत के बाद लेखपाल संगठनों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया। डीएम के खिलाफ नारेबाजी कर कार्रवाई की मांग करने लगे। मामला बढ़ता देख सीएम योगी ने जांच का आदेश दिया है। मेरठ मंडलायुक्त ऋषिकेश भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी को घटना की जांच सौंपी गई है।

मैक्स अस्पताल में सुभाष मीणा का इलाज चल रहा था। गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई।

मैक्स अस्पताल में सुभाष मीणा का इलाज चल रहा था। गुरुवार सुबह उनकी मौत हो गई।

पूरा मामला

धौलाना तहसील के डहाना गांव में तीन जून को डीएम की जन चौपाल हुई थी। इस दौरान किसान भूपेंद्र ने सुभाष मीणा पर खसरा-खतौनी की नकल निकालने के लिए रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। डीएम अभिषेक पांडेय ने शिकायत के बाद लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

लेखपाल के चालक शाहिद के मुताबिक, सुभाष बुधवार सुबह सरधना (मेरठ) से धौलाना आए। तहसील में पानी पीने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वे दफ्तर में उल्टियां करते मिले। उन्हें पहले पिलखुवा के रामा अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने गाजियाबाद के मैक्स अस्पताल रेफर कर दिया। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

लेखपाल संघ ने डीएम कार्यालय का घेराव किया। डीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे।

लेखपाल संघ ने डीएम कार्यालय का घेराव किया। डीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे।

परिजन बोले- शिकायतकर्ता प्रताड़ित कर रहा था

लेखपाल के परिजनों का आरोप है कि शिकायतकर्ता भूपेंद्र ने उनसे 5 लाख रुपए मांगकर दबाव बनाया था। उसने कहा था कि पैसे देने पर शिकायत वापस ले लेगा। मगर सुभाष ने पैसे देने से मना कर दिया था। इसके बाद किसान उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। इसी वजह से मानसिक तनाव में आकर ही उन्होंने सुसाइड कर लिया।

बिना जांच कार्रवाई पर भड़का लेखपाल संघ

घटना से आक्रोशित लेखपाल संघ के पदाधिकारी और सदस्य बुधवार को रामा अस्पताल पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद डीएम कार्यालय पर भी लेखपालों ने प्रदर्शन किया। संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश ने कहा कि बिना जांच के सस्पेंशन और शिकायतकर्ता की ब्लैकमेलिंग ने ईमानदार लेखपाल की जान ले ली। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

गुरुवार सुबह डीएम अभिषेक पांडे मैक्स अस्पताल पहुंचे। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

गुरुवार सुबह डीएम अभिषेक पांडे मैक्स अस्पताल पहुंचे। उन्होंने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

डीएम बोले- लेखपाल को पक्ष रखने का नोटिस दिया था

डीएम अभिषेक पांडेय गुरुवार सुबह अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मदद का भरोसा दिया। उन्होंने बताया- मामले में शिकायत के बाद एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर हुई थी। लेखपाल सुभाष मीणा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। मामले की जांच चल रही थी। उन्हें पक्ष रखने के लिए नोटिस दिया गया। पक्ष रखने का मौका था। फिर भी उन्होंने ऐसा कदम उठा लिया।

डीएम अभिषेक पांडेय ने कहा- मैंने लेखपाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। उन्हें पक्ष रखने का नोटिस दिया था।

डीएम अभिषेक पांडेय ने कहा- मैंने लेखपाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। उन्हें पक्ष रखने का नोटिस दिया था।

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