Breaking
Fri. Mar 6th, 2026

प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर KGMU के डॉ.एके सचान बर्खास्त:रिटायरमेंट से 3 दिन पहले कार्रवाई

लखनऊ : लखनऊ में प्राइवेट प्रैक्टिस करने पर KGMU के डॉ. आमोद कुमार सचान को बर्खास्त कर दिया गया। 15 जुलाई को उनका रिटायरमेंट था। रिटायरमेंट के महज 3 दिन पहले यह कार्रवाई की गई है। डॉ. एके सचान के लखनऊ के पहले ऐसे डॉक्टर हैं, जिन्हें निजी प्रैक्टिस के आरोप में बर्खास्त किया गया है।

उनके खिलाफ करीब डेढ़ साल से प्राइवेट प्रैक्टिस, निजी संस्था से लाभ कमाने और कई संस्थाओं के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का हिस्सा होने को लेकर जांच ही चल रही थी। डॉ. सचान की पत्नी ने भी उनके खिलाफ नकली दवाओं का धंधा करने का मामला दर्ज करवाया था।

शनिवार को KGMU कार्यपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद बर्खास्तगी की मुहर लगाई गई। डॉ. सचान ने कहा है- यह दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है।

डॉ. एके सचान की पत्नी ऋचा मिश्रा ने उन पर केस दर्ज कराया था।

डॉ. एके सचान की पत्नी ऋचा मिश्रा ने उन पर केस दर्ज कराया था।

रजिस्ट्रार की गैर मौजूदगी में हुआ एक्शन

कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में हुई कार्यपरिषद बैठक में बर्खास्तगी पर सहमति बनी। बैठक में रजिस्ट्रार अर्चना गहरवार के स्थान पर डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. संदीप भट्टाचार्या बैठक में शामिल हुए। बैठक में डॉ. एके सचान का मामला रखा गया। प्राइवेट प्रैक्टिस समेत दूसरे आरोपों को रखा गया। डॉ. सचान के जवाब से कार्यपरिषद संतुष्ट नहीं हुई।

8 दिन में कार्यपरिषद की तीन बैठक

इससे पहले, चार जुलाई को इमरजेंसी कार्यपरिषद की बैठक हुई थी। इसमें उन्हें 180 पेज की नोटिस देने पर फैसला हुआ था। 6 दिन में नोटिस का जवाब देना था। उन्होंने जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। इस बीच 10 जुलाई को फिर इमरजेंसी कार्यपरिषद की बैठक हुई। कार्यपरिषद ने अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया था।

इंदिरा नगर में शेखर अस्पताल है। ऋचा मिश्रा और डॉ. सचान इस अस्पताल के डायरेक्टर हैं।

इंदिरा नगर में शेखर अस्पताल है। ऋचा मिश्रा और डॉ. सचान इस अस्पताल के डायरेक्टर हैं।

प्राइवेट प्रैक्टिस के दूसरे आरोपियों पर मेहरबानी

KGMU के इतिहास में पहली बार किसी डॉक्टर पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोपों में कार्रवाई हुई है। इससे पहले पूर्व कुलपति डॉ.सरोज चूड़ामणि गोपाल के समय में भी प्राइवेट प्रैक्टिस का मामला उठा था। KGMU प्रशासन ने वीडियोग्राफी कराई। जिसमें कई डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हुए पाए गए। कई विधायकों ने साक्ष्य के साथ शिकायतें भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के कार्यकाल में भी कई डॉक्टरों पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप लगे। सभी डाक्टरों से प्राइवेट प्रेक्टिस में लिप्त न रहने के शपथ-पत्र भी लिए गए। वर्ष 2023 में KGMU में एक विभाग के अध्यक्ष प्राइवेट प्रैक्टिस के फेर में फंस गए। निजी अस्पताल में इलाज के बाद मरीज की मौत के बाद प्राइवेट प्रैक्टिस का राज खुला था। पीड़ित परिवारीजनों ने शिकायत और सबूत KGMU प्रशासन को मुहैया कराया। KGMU प्रशासन ने जांच कराई। जांच के बाद कार्यपरिषद ने डॉक्टर को आरोप पत्र देने का फैसला दिया। आरोप पत्र देने के बाद विभागाध्यक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह एक और विभाग के अध्यक्ष पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप लगे हैं। पर जांच के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

KGMU को दिए 23 साल, साजिश के तहत हुई कार्रवाई

डॉ. एके सचान ने कहा कि मेरे विरुद्ध दर्ज की गई यह शिकायत झूठी है। यह कार्रवाई रिटायरमेंट से तीन दिन पहले केवल मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करने, व्यक्तिगत और पेशेवर गरिमा को ठेस पहुंचाने के मकसद से की गई है। यह एक दूषित मानसिकता और दुर्भावनापूर्ण इरादों से प्रेरित है। जिसका उद्देश्य केवल मुझे बदनाम करना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना है।

KGMU से मेरा जुड़ाव हमेशा शिक्षण और सेवा के प्रति गहरी निष्ठा पर आधारित रहा है। मैंने फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। अपने कार्यकाल के दौरान अनेक नवाचारी और प्रभावशाली कई पहल शुरू की। इनमें प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट, फार्माकोविजिलेंस सेंटर की स्थापना व डीएम फार्माकोलॉजी पाठ्यक्रम शामिल है। मैंने अपने जीवन के अमूल्य 23 वर्ष संस्थान को समर्पित किए हैं।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *