बाड़मेर : कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हेमाराम चौधरी ने कहा- विधायक विपक्ष से भी कमजोर है। जनता के बीच नहीं जा पा रहे हैं, उनकी भी सुनवाई नहीं हो रही है। विधायकों के मन में डर है कि अगर कुछ भी विरोध में बोला तो जगदीप धनखड़ जैसा हाल न हो जाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के निर्देश पर बुधवार को बाड़मेर में कार्यकर्ताओं की ओर से राज्य सरकार की विफलताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान राज्यपाल के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर टीना डाबी को दिया गया।
इस दौरान हेमाराम चौधरी ने मीडिया से बातचीत में उपराष्ट्रपति इस्तीफे को लेकर भाजपा विधायकों पर तंज कसा।

जिला कलेक्ट्रेट के बाहर कांग्रेसियों ने जमकर प्रदर्शन किया।
चौधरी बोले- बिना पैसे काम नहीं हो रहा
पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा- राजस्थान सरकार के डेढ़ साल की विफलता को सरकार के ध्यान में लाने के लिए राज्यपाल के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से दिया गया। बिजली, पानी, टूटी सड़क, रोजगार, नरेगा की पेमेंट आदि, किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हो रही है।
भ्रष्टाचार इस कदर है कि बिना पैसे कोई काम नहीं हो रहा है। स्मार्ट मीटर का हाल ही बेहाल बुरा है। बार-बार मीटर चेंज कर रहे हैं। यह तीसरी बार मीटर चेंज कर रहे हैं। उपभोक्ताओं पर भार डालने का मकसद है। स्मार्ट मीटर के नाम पर बड़ा घपला है।
बोले- कानून व्यवस्था चरमरा गई
वहीं जिलाध्यक्ष गफूर खान ने कहा- राजस्थान सरकार के डेढ़ साल के शासनकाल में जनता त्रस्त हो गई। कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जानबूझकर नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को परिसीमन के नाम पर बार-बार टाल रही है। इन संस्थाओं का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है। चुनाव समय पर कराना आवश्यक है, लेकिन सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है।

राज्यपाल के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर टीना डाबी को दिया।

