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अयोध्या में सड़क पर फेंकी गई बुजुर्ग की पहचान नहीं:जहां फेंकी गई थी वहां के लोग बोले-पानी पीने की भी स्थित में नहीं थी

अयोध्या : अयोध्या में सड़क पर फेंकी गई बुजुर्ग महिला की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। उसे 24 जुलाई की रात किशनदास पुर में सड़क पर फेंक गया था।25 जुलाई को सुबह अयोध्या कोतवाली पुलिस ने उसे मेडिकल कालेज मे भर्ती कराया।जहां 8 घंटे के इलाज के दौरान अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई।

बजुर्ग महिला को फेंकने वालों में से एम महिला ने जाते समय चादर उठाकर उसका चेहरा देखा।

बजुर्ग महिला को फेंकने वालों में से एम महिला ने जाते समय चादर उठाकर उसका चेहरा देखा।

इसके बाद दैनिक भास्कर वहां पहुंचा जिस जगह महिला को फेंका गया था।वह जगह अयोध्या धाम से 10 किलोमीटर दूर और मेडिकल कालेज से 4 किलोमीटर दूर है।मेडिकल कालेज के निकट ग्रामीण क्षेत्र अचारी सगरा चौराहा है।यहां से करीब 3 किलोमीटर दूर सड़क के बाई ओर घनश्याम वर्मा की दुकान रात में बंद थी।पर इस बेहद ग्रामीण क्षेत्र में भी दुकान के अंदर और बाहर लगे कैमरों ने पूरी घटना को परत दर परत सामने लिया।

बुजर्ग महिला इस हालत में पुलिस को मिली। पुलिस ने ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

बुजर्ग महिला इस हालत में पुलिस को मिली। पुलिस ने ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

अयोध्या कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि सारे प्रयास के बावजूद बुजुर्ग महिला को फेंकने वालों का पता नहीं चल सका है।सीसीटीवी फुटेज में ई रिक्शा की लाईट जलने के कारण उसकी पहचान कैमरों में स्पष्ट नहीं हो पा रही है।पुलिस को विश्वास है कि परिजनों को जल्द ढूंढ़ लिया जाएगा।

बुजुर्ग महिला को फर्नीचर दुकान के बाहर छोड़ गए थे

बुजुर्ग महिला को जिस दुकान के बाहर छोड़कर गए थे। जिस दुकान पर महिला को छोड़ा गया था वह फर्नीचर की दुकान थी। हमने यहां के दुकान मालिक और फर्नीचर कारीगर घनश्याम वर्मा से बात की।

गले की गांठ और उससे हुए घाव की वजह से वह पानी भी नहीं पी पा रहीं थी

उन्होंने बताया कि मैं सुबह 8.30 बजे आए थे हमने देखा कि महिला यहां पर लेटी थी। मेरी दुकान में ही कैमरा लगा है जिस पर पूरी घटना दर्ज हो गई है। उन्होंने बताया कि मैंने पूछा कि माता जी आपका घर कहां पर वह कुछ बोल नहीं पा रहीं थी। क्योंकि उनके गले में गांठ जैसा कुछ था। हमने पानी पिलाने की भी कोशिश की लेकिन गले की गांठ और उससे हुए घाव की वजह से वह पानी भी नहीं पी पा रहीं थी। इसके साथ ही यहां पर पड़ोसी दुकानदार भी आ गए और हमने पुलिस व एंबुलेंस को बुलाया। जब बुजुर्ग महिला यहां से गई थी तब उनको होश था।

वहीं पड़ोसी दुकानदार रामदरश वर्मा ने कहा कि सुबह जब हम अपनी दुकान खोलने पहुंचे तो महिला यहां पर लेटी थी। इसके बाद हमने 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को दी। एंबुलेंस को भी फोन किया जिसके बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया। उन्होंने कहा जो भी लोग महिला को यहां छोड़कर गए हैं। उनपर कठोर से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

अकेले छोड़ जाना न केवल शर्मनाक बल्कि अमानवीयता भी है

इन दोनों ने बताया कि महिला के गले पर घाव था जो फूट कर बह रहा था।इससे दुर्गंध भी आ रही थी।बुजुर्ग का हाथ-पैर हिल रहा था।ऐसी अवस्था में जब लोग दूसरों की सेवा करते हैं तो अपने उनको कैसे रात के अंधेरे में फेंक कर भाग सकते थे।बात केवल कुछ समय की थी महिला की हालत खराब थी उसे बचना मुश्किल था। पर अंत समय से सुनसान जगह पर अकेले छोड़ जाना न केवल शर्मनाक बल्कि अमानवीयता भी है।

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