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मोदी बोले- भारत 100 देशों को EV एक्सपोर्ट करेगा:दुनिया को धीमी विकास दर से बाहर निकालेगा; हमारे पास तेज धारा को मोड़ने की ताकत

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत अब दुनिया को धीमी विकास दर (Slow Growth) से बाहर निकालने की स्थिति में है।

उन्होंने कहा कि हम ठहरे हुए पानी में कंकड़ फेंकने वाले लोग नहीं हैं। हम तेज बहती धारा को भी मोड़ने की ताकत रखते हैं। भारत अब समय की धारा को भी दिशा देने की क्षमता रखता है।

पीएम ने कहा- भारत अब एक बड़ा माइलस्टोन हासिल करने जा रहा है। देश जल्द ही 100 देशों को इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) निर्यात करेगा। भारत की प्रगति का आधार रिसर्च और इनोवेशन है।

उन्होंने कहा बाहर (विदेश) से खरीदी गई रिसर्च सिर्फ जीने भर के लिए काफी है, लेकिन भारत की बड़ी आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर सकती। केंद्र सरकार ने रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतियां और नए प्लेटफॉर्म बनाए हैं।

भारत अब सिर्फ गाड़ियां ही नहीं, बल्कि मेट्रो कोच, रेल कोच और लोकोमोटिव (रेल इंजन) भी विदेश भेज रहा है। उन्होंने यह बात ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में ये बात कही।

पीएम के संबोधन की बड़ी बातें

  • 2014 से पहले भारत का ऑटोमोबाइल निर्यात करीब ₹50,000 करोड़ सालाना था। आज यह बढ़कर ₹1.2 लाख करोड़ सालाना हो गया है।
  • जून 2025 में 22 लाख नई नौकरियां EPFO डेटा में दर्ज हुईं, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
  • भारत की महंगाई दर (Retail Inflation) 2017 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।
  • देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
  • 2014 में भारत की सोलर पैनल निर्माण क्षमता सिर्फ 2.5 गीगावॉट (GW) थी। अब यह बढ़कर 100 गीगावॉट (GW) हो गई है।
  • दिल्ली एयरपोर्ट अब दुनिया के उन छह एयरपोर्ट्स की लिस्ट में आ गया है, जहां हर साल 100 मिलियन (10 करोड़) से ज्यादा यात्री आते-जाते हैं।
  • हाल ही में S&P Global Ratings ने भारत की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया है। यह अपग्रेड लगभग 20 साल बाद हुआ है।
  • आने वाले समय में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है। हमारा वैश्विक विकास में योगदान 20% तक पहुंच जाएगा। इसके पीछे बीते 10 सालों में बनी मजबूत मैक्रो इकोनॉमिक स्थिरता है।
  • उद्योग और प्राइवेट सेक्टर की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। क्लीन एनर्जी, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बैटरी स्टोरेज, एडवांस्ड मटीरियल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रिसर्च और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया।

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