- एनआईआरएफ़ 2025 में जीएलए की श्रेष्ठ शिक्षा से फार्मेसी टॉप-50 में
दैनिक उजाला, मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग ने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ़) 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 48वां स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के फार्मेसी संस्थानों में विभाग ने छठा स्थान प्राप्त कर विश्वविद्यालय का परचम लहराया है। यह रैंकिंग शिक्षण-प्रशिक्षण और संसाधन, अनुसंधान एवं प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन आउटकम और पीयर परसेप्शन जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर आधारित होती है, जिनमें जीएलए का प्रदर्शन निरंतर उत्कृष्ट रहा है।
फार्मेसी विभाग ने चार वर्षों में अपनी प्रगति से सभी को प्रभावित किया है। 2022 में 69वां, 2023 में 54वां, 2024 में 53वां और अब 2025 में यह और बेहतर प्रदर्शन कर 48वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले वर्षों से अंडर-100 में अपनी जगह बनाने वाले विभाग ने इस बार अंडर-50 में प्रवेश कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
केवल फार्मेसी ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के अन्य विभागों ने भी अपनी उत्कृष्टता से ऑल इंडिया स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। मैनेजमेंट में विश्वविद्यालय को टॉप 125, यूनिवर्सिटी कैटेगरी में टॉप 150 और इंजीनियरिंग में टॉप 200 में स्थान मिला है, जो कि जीएलए की समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता और विविध क्षेत्रों में उपलब्धियों का स्पष्ट प्रमाण है।
आईक्यूएसी निदेशक डा. विशाल गोयल ने बताया कि सतत मार्गदर्शन और टीम वर्क के द्वारा ही विश्वविद्यालय ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि फार्मेसी के अलावा जीएलए विश्वविद्यालय ने मैनेजमेंट कैटेगरी में भी अपनी श्रेष्ठता दर्ज कराई है। देश के करीब 7,500 मैनेजमेंट इंस्टीट्यूशन्स में जीएलए इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट ने स्थान बनाते हुए खुद को देश के सर्वश्रेष्ठ 125 संस्थानों में शामिल किया है, जिसने 101-125 रैंक बैंड में जगह बनाई है। साथ ही देश के 1,114 विश्वविद्यालयों में जीएलए विश्वविद्यालय ने अपनी जगह 101-150 रैंक बैंड में सुरक्षित की है। यह रैंक टीचिंग-लर्निंग रिसोर्स, रिसर्च एवं प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएट आउटकम, आउटरीच एवं इन्क्लूसिविटी तथा पीयर परसेप्शन जैसे प्रमुख मानकों पर प्राप्त हुई है।
अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक विश्वविद्यालय ने 51 किताबें प्रकाशित की हैं, 638 बुक चैप्टर्स लिखे गए हैं, 10 हजार 500 से अधिक शोध पत्र विभिन्न जर्नल्स में प्रकाशित हुए हैं, 140 से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं और 830 पेटेंट प्रकाशित तथा 80 पेटेंट ग्रांट हुए हैं। यह उपलब्धियां इस बात का परिचायक हैं कि जीएलए विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ शोध और नवाचार में भी मजबूत स्थान बना रहा है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से अंडर-100 में स्थान बनाने वाला फार्मेसी विभाग इस बार अंडर-50 में पहुंचकर विश्वविद्यालय की साख को और ऊंचाई प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संकाय सदस्यों के परिश्रम, विद्यार्थियों की लगन और शोध कार्यों की निरंतरता का परिणाम है।
वहीं विश्वविद्यालय के सीईओ नीरज अग्रवाल एवं सीएफओ विवेक अग्रवाल ने इस सफलता का श्रेय आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. विशाल गोयल, फार्मेसी के निदेशक प्रो. एम अरोकिया बाबू और फार्मेसी विभाग के सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को दिया। उन्होंने कहा कि जीएलए की टीमवर्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की प्रतिबद्धता ही विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।

