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पति ने स्कूटी नहीं दिलाई तो पत्नी छोड़ गई:आगरा में बोली- बस में धक्के खाती हूं, मुझे नहीं रहना साथ

आगरा : ‘मुझे घर से ऑफिस आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। रोजाना ऑटो और बस में धक्का-मुक्की झेलनी पड़ती है। मैंने पति से एक्टिवा दिलाने को कहा था, लेकिन नहीं दिला रहे हैं। मुझे अब उनके साथ नहीं रहना है।’

ये कहना है आगरा की एक युवती का जो पति को छोड़कर छह महीने से अपने मायके में रह रही। पति से वह इसलिए नाराज थी, क्योंकि उसने स्कूटी नहीं दिलाई। बात इतनी बढ़ी कि मामला पुलिस तक पहुंच गया।पुलिस ने इसे परिवार परामर्श केंद्र में भेज दिया।

शनिवार को पति-पत्नी की काउंसलिंग की गई। काउंसलर्स ने दोनों की बातें सुनी, समझाया। इसके बाद पति एक्टिवा दिलाने को राजी हुआ। उसने कहा- मैं तुम्हें एक्टिवा दिला दूंगा, अब घर चलो। मांग पूरी होने पर पत्नी खुशी-खुशी पति के साथ जाने को तैयार हो गई।

आगरा के कागारौल क्षेत्र की रहने वाली युवती की शादी 2022 में झांसी के युवक के साथ हुई थी। दोनों प्राइवेट जॉब करते हैं। शादी के बाद बच्चा हुआ। बच्चे की देखभाल के लिए युवती ने कुछ दिन का नौकरी से ब्रेक लिया। उसने फिर से 2024 में नौकरी जॉइन कर ली।

युवती ने बताया- जॉब के लिए ट्रेवल करने में मुझे काफी परेशानी होने लगी। पति से कहा- मुझे स्कूटी दिला दो। क्योंकि अब ऑटो और बस की धक्का-मुक्की झेली नहीं जाती है। पति ने भी कहा- दिला दूंगा, लेकिन एक साल तक उसने नहीं दिलाई।

इसी को लेकर हमेशा घर में विवाद होता था। मेरे पति हमेशा वादा करके कोई पूरा नहीं करते थे। गुस्से में मार्च 2025 में अपने बच्चे के साथ मैं मायके चली गई। घरवालों ने पूछा तो मैंने कहा- अब वहां नहीं रहना है। आए दिन मुझे ताने सुनने को मिलते थे।

इसके बाद युवती ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने परिवार टूटने से बचाने के लिए मामले को परिवार परामर्श केंद्र में भेज दिया। शनिवार यानी 25 अक्टूबर को दोनों की काउंसलिंग हुई। काउंसलिंग के बाद दोनों ने एक दूसरे के साथ रहने के लिए राजी हुए।

आगरा परिवार परामर्श केंद्र में 16 दंपतियों के बीच समझौता कराया गया।

आगरा परिवार परामर्श केंद्र में 16 दंपतियों के बीच समझौता कराया गया।

16 दंपती के बीच हुआ समझौता शनिवार को परिवार परामर्श केंद्र में 96 दंपतियों की काउंसिलिंग कराई गई। इसमें 16 दंपतियों के बीच समझौता कराया गया। 20 फाइलें बंद की गई हैं। काउंसलर ने कहा कि केवल महिलाओं को ही नहीं, बल्कि पतियों को भी अपने परिवार की परिस्थितियों को समझना होगा।

काउंसलिंग में आए अधिकांश मामले घर की छोटी-छोटी समस्याओं से जुड़े थे। इस दौरान पति-पत्नी को सहानुभूति, समझदारी और संवाद के महत्व के बारे में समझाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि वैवाहिक जीवन में खुशहाली तभी आती है, जब दोनों एक-दूसरे की परेशानियों और जरूरतों को समझें।

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