दैनिक उजाला, मथुरा : बलदेव थाना पुलिस की कथित मनमानी, पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई से आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। एसएसपी के अनुपस्थित रहने पर ट्रैफिक एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए बलदेव पुलिस की कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
जिलाध्यक्ष संजय पाराशर ने आरोप लगाया कि बलदेव पुलिस द्वारा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतन सिंह पहलवान के पोते अभिषेक तोमर को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभिषेक एक शिक्षित और होनहार युवक है, जो प्रारंभ से ही शिक्षा के लिए गांव से बाहर रहा है और एमिटी यूनिवर्सिटी, ग्वालियर से लॉ ग्रेजुएट है। इसके बावजूद बिना ठोस तथ्यों और साक्ष्यों के उसके खिलाफ कार्रवाई कर उसके अधिवक्ता बनने के भविष्य को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी बलदेव पुलिस ने एक अन्य मामले में अभिषेक का नाम गलत तरीके से दर्ज किया था, जबकि घटना के समय वह गांव में मौजूद ही नहीं था। विवेचना के दौरान साक्ष्य सामने आने पर पुलिस को उसका नाम मुकदमे से हटाना पड़ा। इसके बावजूद उसी पुराने और झूठे आधार को लेकर अब बीएनएसएस की धारा 126/135 में पाबंद किया जाना यह दर्शाता है कि पुलिस कानून का दुरुपयोग कर एकतरफा और प्रताड़नात्मक कार्रवाई कर रही है।
मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह तोमर, प्रदेश महासचिव सतीश चंद्र और मंडल महासचिव रमेश चंद्र सिकरवार ने कहा कि गांव की पार्टीबंदी और चुनावी रंजिश के चलते किसान के होनहार बेटे को फंसाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और अभिषेक तोमर को लगाए गए आरोपों से मुक्त नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन चढूनी प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगी।
ज्ञापन सौंपते समय श्यामपाल सिंह, महिला जिलाध्यक्ष गोमवती, जयपाल सिंह, बच्चन पहलवान, सत्यवीर सिंह, कुंठभोज रावत, तुलसी, कमल बिहारी, सोनवीर, गजेंद्र सिंह, बच्चू सिंह, पीतम, पंचम सिंह, हिम्मत सिंह, ब्रजवीर सिंह, मानवेंद्र, होली सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

