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Wed. Mar 4th, 2026

मथुरा में दिनेश फलाहारी ने खून से लिखा पत्र:शंकराचार्य को सम्मान सहित स्नान कराने की मांग की

मथुरा : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद के बीच अब साधु संत और धर्माचार्य भी अपने अपने बयान देकर पक्ष और विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। मथुरा में हिंदूवादी नेता दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को सम्मान स्नान कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि शंकराचार्य हिंदुओं के गौरव हैं।

प्रयागराज माघ मेला में प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मौनी अमावस्या पर स्नान को लेकर हुए विवाद के बाद अब साधु संत और ब्राह्मण समाज उनके पक्ष में खड़ा होता दिखाई दे रहा है। ब्रज के साधु संतों ने कहा कि प्रशासन उनसे माफी मांगकर सम्मान पूर्वक स्नान कराए। वहीं अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने बैठक कर बटुक ब्राह्मण और संतों के अपमान को लेकर अपनी नाराजगी जताई है।

प्रयागराज माघ मेला में शंकराचार्य और अधिकारियों के बीच में हुए विवाद को देखते हुए ब्रज भूमि के संत समाज ने मांग की है कि शंकराचार्य जी को पुनः सम्मान पूर्वक गंगा में स्नान कराया जाना चाहिए। श्री कृष्ण जन्म भूमि मंदिर केस के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा है की कुछ अधिकारी योगी सरकार को बदनाम करना चाहते हैं और उन्होंने शंकराचार्य भगवान का अपमान किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि आप संत हैं और आप ही जान सकते हैं संत की पीड़ा, इसलिए आप अधिकारियों को निर्देशित करें कि शंकराचार्य जी को सम्मान सहित पुनः गंगा में स्नान करने की कृपा करें।

संत समाज ने सम्मान स्नान कराने की मांग की

संत समाज ने सम्मान स्नान कराने की मांग की

अधिकारियों पर की जाए कार्यवाही: राम दास महाराज

स्वामी अतुल कृष्ण दास महाराज ने कहा कि जिन संतों की चोटी खींच कर जूतों से मारा गया उन अधिकारियों की जांच करके कार्रवाई करें और शंकराचार्य जी को सम्मान पूर्वक स्नान कराए जाने के लिए अधिकारियों को सूचित करें। महामंडलेश्वर रामदास महाराज ने कहा कि शंकराचार्य की पीठ भगवान शिव की गद्दी होती है और इस गद्दी का अपमान करने से पाप लगता है। योगी जी हमारे सनातन हिंदुओं के गौरव हैं उनको अधिकारियों को निर्देशित करना चाहिए जो भी दोषी है उस पर कार्रवाई करना चाहिए। जिससे शंकराचार्य जी महाराज की पीड़ा कम हो सके।

पत्र

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने खून से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर कहा है कि आप हिंदुओं के गौरव हैं और शंकराचार्य जी हिंदुओं के भगवान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इनके पैर छूते हैं, आप दोनों सनातनी संतों के जुबानी युद्ध में सपा और कांग्रेसी फायदा उठाने के लिए बिलबिला रहे हैं। माघ मेला में दिख रहे वीडियो से स्पष्ट हो चुका है कि साधु संतों का अधिकारियों के द्वारा अपमान हुआ है तो अधिकारी मांफी मांग कर इस पूरे प्रकरण को समाप्त कर सकते हैं। आप स्वयं विद्वान सनातनी महंत हैं, शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोकने पर गऊ हत्या का पाप लगता है,आप अधिकारियों को माफ़ी मांगने के लिए निर्देशित करने की कृपा करें जिससे सोशल मीडिया पर सनातनियों द्वारा दिख रही नाराजगी को दूर कर सकें।

यह पत्र लिखा है

यह पत्र लिखा है

अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा एवं ब्रज धर्माचार्य परिषद की संयुक्त बैठक श्री उड़िया बाबा आश्रम दावानल कुंड श्री धाम वृन्दावन में आयोजित हुई। जिसमें प्रयागराज माघ मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज एवं बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई अभद्रता एवं मारपीट की कड़ी निंदा की गई,तथा निर्णय लिया गया कि जबतक उत्तर प्रदेश सरकार माफ़ी नहीं मांगेंगे तब तक स्वाभिमान यात्रा के तहत सम्पूर्ण ब्रज में अभियान चला कर मुखर आन्दोलन किया जाएगा। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुष्टिमार्गीय आचार्य श्रीहरि शास्त्री ने कहा की ब्राह्मणों की शिखा को खींच कर एवं शंकराचार्य जी का अपमान कर वर्तमान सरकार ने सत्ता का पतन सुनिश्चित कर लिया है।

साधु,संत और ब्राह्मण समाज की हुई बैठक में नाराजगी जताई गई

साधु,संत और ब्राह्मण समाज की हुई बैठक में नाराजगी जताई गई

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के ब्रज प्रदेश अध्यक्ष पं. बिहारी लाल वशिष्ठ एवं महामंत्री राजेश पाठक ने कहा कि सत्ताएं जब मद में चूर हो जाती हैं तब वह धर्म गुरुओं का अपमान करती हैं। 2027 चुनाव में ब्राह्मण अपनी ताक़त को दिखा कर विरोधी शक्तियों को अपने बल का एहसास कराएगा। डॉ राम कृष्ण एवं जिलाध्यक्ष इ.राजकुमार शर्मा,प्रदेश महामंत्री सुधीर शुक्ला ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी सम्पूर्ण भारत वर्ष के सनातन ध्वज वाहक हैं, गौ माता को राष्ट्र माता,हिंदू राष्ट्र के प्रति सत्यता के साथ आवाज़ बुलंद करते रहते हैं इस कारण सरकारों की आँख की किरकिरी बने हुए हैं। आचार्य पुंडरीक कृष्ण एवं गोविंद त्रिपाठी,आश्रम प्रभारी कुलदीप दुबे ने कहा कि वैदिक सनातन धर्म के शिखर शंकराचार्यजी का अपमान सम्पूर्ण भारत वर्ष के हिन्दू जन मानस का अपमान है।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से अजय शर्मा,बालकृष्ण शर्मा,सुरेशाचार्य,एन पी शर्मा,धर्मेंद्र गौतम लीला,हरिरावत,राजेश चतुर्वेदी शास्त्री,प्रदीप गोस्वामी,महेशानंद गिरी,रामबाबू शर्मा,पुलकित पंडित,विनय व्यास,विजय चतुर्वेदी,संदीप रावत आदि उपस्थित थे ।संचालन महामंत्री राजेश पाठक ने किया।

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