मथुरा : प्रयागराज माघ मेला में मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच हुए विवाद के बाद अब उनके समर्थन में अब बांके बिहारी मंदिर के गोस्वामी भी आ गए हैं। वृंदावन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के बाद गोस्वामियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रयागराज पहुंच कर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की और उनको अपना समर्थन देते हुए एक पत्र सौंपा।
गोस्वामियों ने कहा माघ उत्सव के दौरान मौनी अमावस्या के पावन स्नान अवसर पर घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समस्त सनातनी समाज आहत है। इस घटना के संदर्भ में हरिदास के लाडले श्री बांके बिहारी जी के समस्त सेवायत, गोस्वामी परिकर एवं ब्रजवासी गहरा दुख, क्षोभ एवं निराशा व्यक्त करते हैं।
ज्योतिर्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती न केवल एक पीठाधीश्वर हैं, बल्कि वे सनातन धर्म की ऋषि-परंपरा, मर्यादा एवं शास्त्र सम्मत चेतना के धर्म प्रहरी हैं। उनके प्रति घटित कोई भी अन्याय सम्पूर्ण सनातन समाज की गरिमा और धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात के समान है।

गोस्वामियों ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना समर्थन दिया था
प्रयागराज पहुंचे गोपेश गोस्वामी ने कहा ब्रजभूमि यह स्पष्ट करती है कि यह विषय किसी एक संत या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघर्ष सनातन धर्म की आत्मा, परंपरागत देवालयों की स्वायत्तता तथा धार्मिक मर्यादा की रक्षा से जुड़ा हुआ है। आज जब संपूर्ण विश्व सनातन रूपी अमृत के पान के लिए आकांक्षी है, तब असुर प्रवृत्तियां उसे अवरुद्ध करने का प्रयास कर रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है।
समर्थन का पत्र सौंपा
आभास गोस्वामी ने कहा ब्रज के समस्त गोस्वामी, सेवायत एवं ब्रजवासी यह घोषणा करते हैं कि वे इस धर्मसम्मत संघर्ष में शंकराचार्य जी के साथ सैद्धांतिक, नैतिक और आध्यात्मिक रूप से पूर्ण समर्थन के साथ खड़े हैं। हमें अटूट विश्वास है कि महादेव की कृपा से यह संघर्ष धर्म की विजय, मर्यादा की पुनर्स्थापना और सनातन चेतना के संरक्षण में परिणत होगा। जब-जब धर्म संकट में आया है, ब्रजभूमि ने सदैव कृष्ण-तत्व के माध्यम से उसका समाधान किया है।

प्रयागराज पहुंचे गोस्वामियों ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में प्रयागराज में गोपेश गोस्वामी, रजत गोस्वामी, आभास गोस्वामी, सोमनाथ गोस्वामी, राजू गोस्वामी, नितिन गोस्वामी, अनंत गोस्वामी, बसंत गोस्वामी, ब्रजेश गोस्वामी, धर्मेश गोस्वामी, रादित्य, अरविंद, रामनिवास आदि उपस्थित रहे ।

