- अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक गए हैं और इसका खामियाजा देश को भुगतना पड़ रहा है
नई दिल्ली : दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रेसवार्ता करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा हालात में देश को अब तक का सबसे कमजोर प्रधानमंत्री मिला है और आरोप लगाया कि मोदी सरकार अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की नीतियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों पर पड़ रहा है, इसलिए केंद्र को अपने फैसलों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
आपको बता दें कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केजरीवाल ने कहा, ‘आज देश बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा है। मुझे बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मोदी जी ट्रंप के गुलाम बन गए हैं। देश के इतिहास में शायद पहली बार इतना कमजोर प्रधानमंत्री मिला है, जो किसी दूसरे देश के नेता के सामने झुकता नजर आ रहा है। इसका खामियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ रहा है।’
आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंत्रालय के एक ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि देशभर में शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को छोड़कर अन्य सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी गैस की आपूर्ति रोक दी गई है और फिलहाल गैस केवल घरेलू इस्तेमाल के लिए ही उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले समय में गैस और तेल की स्थिति और गंभीर हो सकती है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर किन मजबूरियों के कारण वह डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक रहे हैं और क्या देश आज उसी का खामियाजा भुगत रहा है। बता दें कि केजरीवाल ने पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय की ओर से जारी बयान का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है।
पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय की ओर से जारी बयान
गौरतलब है कि पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय की ओर से एक बयान जारी किया गया है, जिसमें लिखा गया है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति पर पड़े असर को देखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता देते हुए सिलेंडर की दो बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतराल तय किया है, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। वहीं आयातित एलपीजी की आपूर्ति अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी गैर-घरेलू क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दी जा रही है। इसके अलावा अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों जैसे होटल, रेस्तरां और उद्योगों को एलपीजी आपूर्ति से जुड़े अनुरोधों की समीक्षा के लिए तेल विपणन कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति भी गठित की गई है।

