देहरादून/उत्तर प्रदेश : नैनीताल में घूमने आए यूपी के भाजपा विधायक राजेंद्र पटेल के बेटे ने SDM को धौंस दिखाई। गुरुवार सुबह करीब 10:15 को विधायक का बेटा राहुल पटेल अपनी सफेद रंग की फॉर्च्यूनर में था। फॉर्च्यूनर जब मॉल रोड के जाम में फंसी, तो उसने हूटर बजाना शुरू कर दिया।
हूटर बजता देख ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए खड़े एसडीएम नवाजिश खालिक ने राहुल की गाड़ी रोक ली। इस पर राहुल ने कहा- तुम हमें नहीं जानते, पापा विधायक हैं हमारे।
यह सुनकर SDM और भड़क गए उन्होंने फौरन गाड़ी में सवार राहुल को बाहर निकलने को कहा। उसके ड्राइवर को भी बाहर बुलाया। दोनों बाहर निकले तो SDM ने कार को सीज कर दिया।
इस दौरान विधायक का बेटा अपने फोन से किसी को कॉल भी मिलाता दिखा। लेकिन कोई भी फॉर्च्यूनर सीज होने से रोक नहीं पाया। इस पूरी घटना के दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।

पढ़िए पूरा मामला…
यूपी के फतेहपुर जिले की जहानाबाद विधानसभा सीट है। यहां से भाजपा विधायक राजेंद्र पटेल का बेटा राहुल पटेल छुट्टियां मनाने नैनीताल पहुंचा था। शहर के फेमस मॉल रोड पर जब उसकी फॉर्च्यूनर (UP33-V-0003) जाम में फंसी, तो उसने हूटर बजाना शुरू कर दिया। कार राहुल का ड्राइवर गोगा चला रहा था।
उसी समय नैनीताल के उपजिलाधिकारी (SDM) नवाजिश खालिक वहां मौजूद थे। बिना किसी आपात स्थिति के हूटर बजता देख SDM ने तुरंत फॉर्च्यूनर को रुकवा लिया। विधायक के बेटे से हूटर बजाने का कारण पूछा।

मौके पर SDM पहुंचे तो पहले उन्होंने फॉर्च्यूनर रोककर साइड में खड़ी करवाई। तब जाकर जाम खुल पाया।
SDM के पूछताछ करने पर अपनी गलती मानने की जगह राहुल भड़क गया। उसने स्थानीय पुलिस और SDM के साथ तीखी बहस शुरू कर दी। बीच सड़क पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। राहुल पटेल ने अपने विधायक पिता की पावर का हवाला देते हुए धौंस जमाने की कोशिश की। लेकिन नैनीताल प्रशासन के आगे उनकी एक न चली।
प्रशासन ने गाड़ी सीज की, चालान काटा
SDM और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस ने बिना किसी दबाव में आए कार को मौके पर ही सीज कर दिया।
राहुल अब अपनी सीज हुई गाड़ी को छुड़वाने के लिए नैनीताल कोर्ट में वकीलों के जरिए कागजी कार्रवाई पूरी कराने की जद्दोजहद में लगा है।
इस बारे में SDM नवाजिश खालिक से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। वहीं, एसआई सुनील कुमार ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर फॉर्च्यूनर को सीज कर दिया गया है। गाड़ी अभी छूटी नहीं है।
जानिए कौन हैं राजेंद्र सिंह पटेल
राजेंद्र सिंह पटेल ने पहली बार 2002 में बिंदकी विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते। इसके बाद भाजपा सरकार में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया। हालांकि, 2007 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वे लगातार बिंदकी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे। लेकिन, उन्हें हर बार हार का सामना करना पड़ा। साल- 2022 में पार्टी ने उन्हें जहानाबाद विधानसभा सीट से टिकट दिया। इस बार राजेंद्र सिंह पटेल ने जीत हासिल की।
भाजपा विधायक राजेंद्र सिंह पटेल के 2 बेटे हैं। बड़ा बेटा राहुल पटेल कॉलेज चलाता है। छोटा बेटा रोहित पटेल दिल्ली में इंजीनियर है।

