फिरोजाबाद : फिरोजाबाद में टूंडला की तहसीलदार राखी शर्मा (33) पर शासन ने एक्शन लिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से राजस्व परिषद मुख्यालय लखनऊ से अटैच कर दिया गया है।
राखी शर्मा ने फिरोजाबाद DM रमेश रंजन (29) पर रिश्वत का आरोप लगाया था। कहा था- DM को रिश्वत के तौर पर 1.75 लाख का आईफोन और आईवॉच दी है। उन्हें परेशान किया जा रहा है। राखी शर्मा ने सीएम योगी से मामले की जांच की मांग की है।
फिरोजाबाद में जिला सूचना अधिकारी ने शनिवार रात 10.17 बजे ऑफिशियल वॉट्सएप ग्रुप पर राखी शर्मा पर एक्शन की जानकारी दी। उन्होंने बताया- तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसके अलावा, शासन ने उस विवादित जमीन मामले की जांच के दोबारा आदेश दिए हैं, जिस पर कब्जे को लेकर कलेक्ट्रेट कर्मचारियों पर आरोप लगे थे। इन आरोपों की जांच राखी शर्मा ने की थी। इस पूरे मामले की जांच अब मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत करेंगे।
पूरा मामला
मूलरूप से आगरा के बल्केश्वर की रहने वाली राखी शर्मा 4 सितंबर, 2024 से टूंडला में बतौर तहसीलदार कार्यरत हैं। वह सरकारी गेस्ट हाउस में रहती हैं। गुरुवार शाम 16 अप्रैल को DM रमेश रंजन ने उनका स्थानांतरण टूंडला से शिकोहाबाद तहसील कर दिया था।
ट्रांसफर आदेश जारी होने बाद महिला अफसर ने सीएम योगी के नाम एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने DM रमेश रंजन पर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद अगले दिन यानी 17 अप्रैल को उन्होंने तहसील परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई।
इसमें कहा- डीएम रमेश रंजन सर और उनके कुछ बाबू मुझे परेशान कर रहे हैं। एक ओएसडी शैलेंद्र शर्मा हैं, एक पेशकार हैं और एक सीआरए हैं। इन लोगों का एक ग्रुप है। मेरी तहसील में 9 महीने पहले जुलाई में एक एप्लिकेशन आई थी। इसमें इन तीनों बाबुओं पर भ्रष्टाचार का आरोप था।
मैंने DM सर से इसकी शिकायत की। डीएम सर और मैंने इनसे समाधान करने के लिए कहा, लेकिन उल्टा ये लोग मेरे पीछे पड़ गए। इन लोगों ने डीएम सर को मिसगाइड किया और 8 महीने तक मेरी सैलरी रुकवा दी। इसके बाद बिना मेरा पक्ष सुने डीएम सर ने एकतरफा एडवर्सएंट्री दे दी।
इससे भी इनका मन नहीं भरा तो डिमांड शुरू कर दी। कभी एप्पल की आईवॉच तो कभी आईफोन मांगने लगे। मैंने जो आईफोन दिया था, डीएम सर अभी भी वही यूज कर रहे, इसकी जांच होनी चाहिए। इसका बिल और बाकी डिटेल मेरे पास हैं।
आईफोन के लिए देर रात तक खोला गया स्टोर
महिला अफसर ने बताया था कि 4 नवंबर, 2025 की रात आगरा का एक शो-रूम स्पेशली देर रात तक खोले रखा गया था। डीएम के ओएसडी के माध्यम से डिमांड की गई थी। मुझे बार-बार फोर्स किया गया, जबकि मुझे सैलरी नहीं मिल रही थी। फिर भी मैंने किसी तरह इंतजाम करके फोन खरीद कर दिया।
फोन देने के बाद भी इनका मन था कि मैं बार-बार वहां जाऊं, गिड़गिड़ाऊं और भीख मांगू। कुछ चीजें मैं बोलना नहीं चाहती, मगर इनके कुछ नैतिक और अनैतिक आदेश हैं, उन्हें मैं पूरा करूं। जो हो सकता था मैंने किया, जो नहीं हो सकता था, वो नहीं किया।
सैलरी न आने पर हाईकोर्ट गईं
महिला अफसर ने बताया था कि इसके बाद मैं इंतजार करती रही कि अब आएगी सैलरी, पर नहीं आई। परेशान होकर हाईकोर्ट में 26 फरवरी को रिट दायर की। 27 फरवरी को सर को पता चल गया तो रात में ट्रेजरी खुलवाकर मेरी सैलरी भेजी गई। इस बीच मुझे कैंप हाउस में बुलाया गया। वहां 2 घंटे तक बंदी बनाकर रखा गया। फोर्स किया गया कि अपनी याचिका वापस ले लूं। इसी बात से आज तक नाराज हैं।
तबादले को लेकर भी सवाल उठाए थे
राखी शर्मा ने अपने तबादले को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने बताया था कि उनका ट्रांसफर टूंडला से शिकोहाबाद कर दिया गया है, लेकिन उन्हें अभी तक आधिकारिक लेटर प्राप्त नहीं हुआ। इसके बावजूद, उनकी जगह दूसरे तहसीलदार को भेज दिया गया।

तहसीलदार राखी शर्मा ने DM रंजन पर पर 1.75 लाख का आईफोन और आईवॉच लेने और शोषण करने की बात कही।

