पंचकूला : हरियाणा के पंचकूला में नगर निगम चुनाव के बागियों को मनाने के लिए BJP ने भागदौड़ शुरू हो गई है। बागियों को मनाने का जिम्मा खुद सीएम नायब सिंह सैनी ने संभाल लिया है। मंगलवार को सुबह ही सीएम पंचकूला में जिला उपाध्यक्ष उमेश सूद के घर पहुंच गए।
पंचकूला सेक्टर-10 में बागी उमेश सूद के द्वारा सभा आयोजित की गई। जिसमें सीएम नायब सिंह सैनी ने पहुंचे। हालांकि उमेश सूद को मनाने का पटकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी। बस वो वार्ड के लोगों को संदेश देने के लिए उनके कार्यक्रम में पहुंचे। जहां स्टेज पर सीएम नायब सिंह सैनी पहुंचे तो भीड़ हो गई। सीएम ने कंवरपाल गुर्जर की जगह बनाने के लिए बागी जिला उपाध्यक्ष को साइड जाने के लिए कहा।
बागी प्रत्याशी एक पल के लिए तो असहज नजर आए, लेकिन उसके बाद वे स्थिति को भांपते हुए खद ही साइड हो गए। वहीं सीएम के दूसरी तरफ उनकी पत्नी सोनिया सूद मौजूद थी, जिन्हें साइड कर BJP मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल के लिए जगह बनाई। सीएम ने अपने एक साइड मेयर प्रत्याशी को रखा तथा दूसरी तरफ पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर को रखा।
उसके बाद सभी नेताओं ने एक दूसरे के हाथ थामकर एकता का संदेश दिया। सीएम ने बाद में सूद के लिए कहा कि यह मेरा मित्र है।

पंचकूला में मंच पर मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल व पूर्व मंत्री का हाथ थामे सीएम नायब सैनी।
आस ही छोड़ गए थे मेयर प्रत्याशी
पंचकूला के मेयर प्रत्याशी को लेकर नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्यामलाल आस ही छोड़ गए थे। कह रहे थे कि अब मुझे कौन टिकट देगा, मैंने कहा कि तैयारी करो। अब टिकट मिली है, तो श्यामलाल बंसल पर पंचकूला शहर के लोगों का प्यार बरसेगा।
बागियों के लिए सुनाया किस्सा
पार्टी ने उत्तराखंड चुनाव में काम करने के लिए भेजा। वहां पर वोट मांग रहा था, तो दोपहर के समय जनसभा में बोल रहा था। मेरे फोन बजने शुरू हो गया। वक्तव्य के बाद फोन मिलाया, तो बताया कि कुरूक्षेत्र की टिकट का सूचना मिली। उसी वक्त मैं मां गगा के तट पर गया और पूजा करके आया। अगले दिन सुबह मैं कुरुक्षेत्र जाकर नामांकन कर आया। सांसद बनने पर ठीक काम चल रहा था तो मुझे प्रदेश अध्यक्ष बना दिया।
कुछ समय बाद ही बतौर प्रदेश अध्यक्ष मुझे चंडीगढ़ बुला लिया। विधायक दल की बैठक में गया तो वहां विधायक दल का नेता चुन लिया। मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष को कहा कि मैं ठीक काम नहीं कर रहा। वो मुझे बोले कि अब आप इसका निर्वहन करो। मैं उमेश सूद को यही सुना रहा हुं कि कोई भी चीज होती है वो फायदे के लिए होती है। पार्टी ने जो कह दिया वहीं करना होता है। सोनिया के चुनाव में मैं इसी स्थान पर आया था।
पार्टी ने जो निर्णय किया है, वो सिर माथे है। जो भी फैसला पार्टी ने लिया वो सूद ने भी स्वीकार किया है।

