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Fri. May 1st, 2026

मौत भी अलग नहीं कर पाई: मां के सीने से लिपटा मिला बच्चे का शव, बरगी में क्रूज के अंदर फंसे रह गए थे दोनों

  • जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज बोट पलटने से नौ लोगों की मौत हो गई है, जबकि 28 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया

जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित बरगी डैम में हुए क्रूज बोट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। शुक्रवार को बचाव दल ने तीन और शव बरामद किए हैंं। राज्य के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बताया कि अभी भी कुछ पर्यटक लापता हैं और उन्हें तलाशने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज़ी से जारी है। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य पूरा होने के बाद हादसे की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मां के सीने से लिपटा मिला मासूम बेटे का शव

हादसे में मरिना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की भी मौत हो गई। एक मां और उसके चार साल के बेटे का शव निकाला, तो लोगों की रूह कांप उठी। मां के सीने से लिपटा मासूम बेटा देख मौके पर खड़े लोगों की आंखें छलक उठीं। मां और बेटे दोनों की जान चली गई, लेकिन मां ने आखिरी सांस तक बेटे को नहीं छोड़ा। मौत के बाद भी वह अपने ममता के आंचल में मासूम को समेटे हुए थी। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि कठोर दिल वाले लोग भी सिहर उठे। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

सेना और स्पेशल टीमों ने संभाला मोर्चा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ अब राष्ट्रीय स्तर की टीमें भी तैनात की गई हैं। आर्मी भी मौके पर मौजूद है। हैदराबाद से एक स्पेशल टीम और हेलिकॉप्टर रवाना किया गया है। कोलकाता से पैरामिलिट्री की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। हाइड्रॉलिक मशीनों और पोकलेन की मदद से 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश जारी है।

क्रूज पायलट बोले- संभलने का मौका ही नहीं मिला

क्रूज के पायलट महेश ने बताया, ‘सुरक्षा के इंतजाम तो थे, लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया। किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला।’ महेश को 10 साल का अनुभव है।

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