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MBA छात्रा की मौत में टीचर समेत 3 सस्पेंड:रात 2 बजे में गर्ल्स हॉस्टल में घुसा डायरेक्टर, छात्राएं बोलीं- हमें टॉर्चर किया जा रहा

मेरठ : मेरठ की IIMT यूनिवर्सिटी में एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत मामले में छात्रावास निदेशक और 2 वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया। तीनों ने छात्राओं से अभद्रता की थी। इसके साथ ही मामले की एक 13 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। यह समिति अनु गुप्ता की मौत कैसे हुई? ये सुसाइड या हत्या? इसकी जांच करेगी।

गुरुवार को उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला कैंपस पहुंची। अनु का कमरा देखा। कमरे की दीवार पर अनु ने लिखा था- होप। छात्राओं ने बताया अनु जीना चाहती थी, मगर यूनिवर्सिटी ने उसे मरने के लिए मजबूर कर दिया।

उसे मेंटली टॉर्चर किया जा रहा था। टीचर रात में गर्ल्स हॉस्टल में घुस आता था। अनु पर 30 हजार रुपए अटेंडेंस फीस का दबाव बनाया जा रहा था।

दरअसल, 20 मई को यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल की लॉबी में अनु की डेडबॉडी पड़ी मिली थी। वह तीसरी मंजिल पर रहती थी। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे। पिता ने हत्या का आरोप लगाते हुए गंगानगर थाने में आईआईएमटी यूनिवर्सिटी पर सुसाइड के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था।

आईआईएमटी यूनिवर्सिटी गेट पर गुरुवार को छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन किया था।

आईआईएमटी यूनिवर्सिटी गेट पर गुरुवार को छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन किया था।

हॉस्टल के रूम नंबर- 67 में रहती थी अनु

छात्रा अनु गुप्ता आईआईएमटी के सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। उसका रूम नंबर 67 तीसरी मंजिल पर है। बुधवार सुबह करीब 9.30 बजे उसका खून से लथपथ शव हॉस्टल के नीचे बने जिम के बाहर पड़ा दिखा।

काम करने वाली मेड ने सबसे पहले छात्रा की डेडबॉडी देखी। उसने अन्य छात्राओं को बताया। छात्राओं ने इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन को दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद छात्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

देर शाम अनु गुप्ता की मौत के बाद यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स भड़क गए। बुधवार रात को सभी ने यूनिवर्सिटी गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। रात भर स्टूडेंट्स वहीं धरनास्थल पर डटे रहे। गुरुवार सुबह 10 बजे वीसी डॉ. दीपा शर्मा सीओ सदर देहात सुधीर सिंह ने मौके पर पहुंचे। छात्रों को शांत कराया।

इसके बाद छात्र नेताओं व विवि प्रशासन के बीच करीब एक घंटे बात हुई। सुबह 11:30 बजे धरना खत्म कर दिया गया। इसके बाद छात्रा अनु गुप्ता के पिता ने यूनिवर्सिटी मुकदमा दर्ज कराया। फिर शव लेकर सहारनपुर लौट गए, जहां उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

ये तस्वीर अनु के कमरे की है। कमरे की दीवार पर उसने ये होप लिखा था।

ये तस्वीर अनु के कमरे की है। कमरे की दीवार पर उसने ये होप लिखा था।

पिता ने तहरीर में क्या लिखा?

सहारनपुर निवासी ओमकार गोयल ने अपनी तहरीर में लिखा- मेरी बेटी अनु गोयल मेरठ के गंगानगर स्थित IIMT यूनिवर्सिटी में MBA सेकेंड ईयर, फोर्थ सेमेस्टर की छात्रा थी। 20 मई 2026 को हमें कॉलेज की ओर से सूचना मिली कि हमारी बेटी ने सुसाइड कर लिया है। मेरी बेटी पढ़ाई में काफी अच्छी थी। कॉलेज प्रशासन ने उस पर मानसिक दबाव बनाया और उसका उत्पीड़न किया, जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया।

उन्होंने आगे लिखा- मेरी बेटी की मौत के सही कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच हो और यदि किसी प्रकार का दबाव, उत्पीड़न या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

यूनिवर्सिटी ने जांच कमेटी बनाईं

छात्रों की मांग पर विश्वविद्यालय ने जांच और आर्थिक सहायता के लिए दो अलग-अलग कमेटियां बनाई हैं। जांच कमेटी में विवि प्रशासन के 7 सदस्य और छात्र प्रतिनिधि के 6 सदस्य शामिल हैं। समिति में विवि प्रशासन के चीफ प्रॉक्टर डॉ. भूपेंद्र कुमार, निदेशक प्रशासन डॉ. संदीप कुमार, गर्ल्स हॉस्टल निदेशक डॉ. मुक्ता शर्मा, डीन छात्र कल्याण डॉ. नीरज शर्मा, आंतरिक शिकायत समिति प्रमुख डॉ. विनीता शुक्ला, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ प्रमुख डॉ. वत्सला तोमर और सहायक प्रोफेसर डॉ. अक्षय राज शामिल हैं।

वहीं छात्र प्रतिनिधि में आस्था चौधरी, वैष्णवी मलिक, अंशु यादव, सौरभ पठान, दीपांशु भड़ाना और ध्रुव त्यागी के नाम शामिल हैं।

छात्रा अनु के परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए कुलसचिव प्रो. (डॉ.) वीपी राकेश की अध्यक्षता में एक मुआवजा समिति बनाई गई है। जो सहायता राशि का निर्धारण करेगी। इसमें विवि प्रशासन के 7 और छात्रों के 6 प्रतिनिधि शामिल रहेंगे।

तस्वीर में टीचर डॉ. लखविंदर दिख रहा है, जो रात 2 बजे गर्ल्स हॉस्टल में घुस आया था। उसने छात्राओं से अभद्रता की थी। धमकी दी थी।

तस्वीर में टीचर डॉ. लखविंदर दिख रहा है, जो रात 2 बजे गर्ल्स हॉस्टल में घुस आया था। उसने छात्राओं से अभद्रता की थी। धमकी दी थी।

छात्राओं से अभद्रता करने वाला डॉ. लखविंदर सस्पेंड

छात्रों के हंगामे के बीच एक छात्रा आशा चौधरी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह कहती हैं कि मुझे परेशान किया जा रहा है। मानसिक रूप से टॉर्चर किया जा रहा है। टीचर डॉ. लखविंदर बुधवार देर रात करीब 2 बजे हॉस्टल में घुस आए। वह छात्राओं को परेशान कर रहे थे। मैंने इसका वीडियो बना लिया।

इसके बाद मुझे देर रात तक डॉ. लखविंदर ने फोन कर धमकियां दीं। मुझे डराया और धमकाया। उसने कहा कि जब जब छात्राओं के पैरेंट्स को हॉस्टल में एंट्री नहीं है तो मेल स्टाफ देर रात हॉस्टल में क्यों आए?

हमारी सिक्योरिटी की जिम्मेदारी किसकी है? जब हम अपनी परेशानी बताएं, सच्चाई कहें तो हमें डराया जा रहा है।

इसके बाद गर्ल्स हॉस्टल में घुसकर छात्राओं के साथ मिसबिहेव करने वाले हॉस्टल डायरेक्टर डॉ. लखविंदर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। दो महिला वार्डन सुमन गर्ग और सुमनलता को भी जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

गुरुवार को राज्य महिला आयोग सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला हॉस्टल पहुुंची। उन्होंने छात्राओं से बात की।

गुरुवार को राज्य महिला आयोग सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला हॉस्टल पहुुंची। उन्होंने छात्राओं से बात की।

छात्राएं बोलीं- हमें मानसिक रूप से टॉर्चर किया जा रहा

गुरुवार शाम उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला कैंपस पहुंची। छात्राओं ने महिला आयोग सदस्य को सीलन वाले बदबूदार कमरों का हाल दिखाया। कहा कि हॉस्टल में पीने को साफ पानी नहीं है।

40 डिग्री तापमान में कूलर की व्यवस्था नहीं है। हर साल हॉस्टल की फीस बढ़ रही है। अब तक तीनगुना फीस बढ़ चुकी है, लेकिन सुविधाएं शून्य हैं। खाने में कीड़े निकलते हैं। ऐसे वीडियो भी छात्राओं ने महिला आयोग सदस्य को दिखाए।

बताया कि हम लोगों को टॉर्चर किया जा रहा है। मेल हॉस्टल में घुस आते हैं। छात्राएं डॉ. मीनाक्षी को मृतक छात्रा अनु के रूम में ले गईं। अनु के कमरे की दीवार पर होप लिखा था। छात्राओं ने बताया कि अनु बहुत तनाव में थी। लेकिन यूनिवर्सिटी की तरफ से लगातार उस पर 30 हजार रुपए अटेंडेंस फीस का दबाव बनाया जा रहा था।

अनु का प्लेसमेंट चंडीगढ़ की किसी कंपनी में हो चुका था। उसे वहां ज्वाइनिंग करना था। उसे कंपनी में अपना अटेंडेंस सर्टिफिकेट भी सबमिट करना था, लेकिन कॉलेज उसके बदले में 30 हजार रुपए मांग रहा था।

जिसकी वजह से वो परेशान थी। उसे उकसाया गया। मरने के लिए मजबूर किया गया।

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