- मांट, कोसी, छाता, गोवर्धन और फरह क्षेत्र के गांवों में अघोषित कटौती से हाहाकार, शिकायतों के बावजूद नहीं मिल रहा समाधान
दैनिक उजाला, मथुरा : जिले के देहात क्षेत्र में बिजली व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। मांट, कोसीकलां, छाता, गोवर्धन और फरह क्षेत्र के दर्जनों गांवों में घंटों की अघोषित विद्युत कटौती से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी के इस दौर में बिजली संकट ने ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि दिन और रात में बार-बार बिजली गुल होने से लोगों का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान दिखाई नहीं दे रहा।
ग्रामीण उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली संबंधी समस्या होने पर निचले स्तर के अधिकारियों से समाधान नहीं मिल पाता। जब उपभोक्ता अपनी शिकायत लेकर उच्च अधिकारियों, विशेषकर एसई देहात से संपर्क करने का प्रयास करते हैं तो दिन हो या रात, अधिकांश समय उनका फोन तक रिसीव नहीं किया जाता। इससे लोगों में भारी नाराजगी व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जब क्षेत्र का सर्वोच्च विद्युत अधिकारी ही उपभोक्ताओं की बात सुनने को तैयार नहीं है तो आखिर आम जनता अपनी समस्या किसके सामने रखे।
लगातार हो रही कटौती का असर किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर साफ दिखाई दे रहा है। गांवों में पेयजल संकट गहरा रहा है, किसानों को सिंचाई में परेशानी हो रही है और रातभर बिजली न मिलने से लोगों की नींद तक पूरी नहीं हो पा रही। ग्रामीणों का कहना है कि यदि भीषण गर्मी के मौसम में भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है तो फिर राहत आखिर कब मिलेगी।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि एसई देहात द्वारा नियमित क्षेत्रीय निरीक्षण नहीं किए जाने के कारण अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय नहीं हो पा रही है। यदि उच्च अधिकारी समय-समय पर गांवों का दौरा करें, बिजली आपूर्ति की समीक्षा करें और शिकायतों पर निगरानी रखें तो हालात में काफी सुधार हो सकता है। लेकिन वर्तमान स्थिति में न तो प्रभावी मॉनिटरिंग दिखाई दे रही है और न ही उपभोक्ताओं से संवाद।
किसान कांग्रेस कमेटी मथुरा के जिलाध्यक्ष ठाकुर नरेश पाल सिंह

ने कहा कि देहात क्षेत्र के किसान और आम ग्रामीण लगातार बिजली संकट झेल रहे हैं। भीषण गर्मी में घंटों की कटौती पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्यालयों में बैठकर व्यवस्था नहीं सुधार सकते, उन्हें गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेना चाहिए। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो किसानों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
वहीं समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता एडवोकेट गौरव किशनपुरिया

ने कहा कि मथुरा देहात की बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उनका समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि एसई देहात को स्वयं क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करना चाहिए तथा उपभोक्ताओं के फोन और शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। जनता को राहत दिलाना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान हालात इसके विपरीत दिखाई दे रहे हैं।
देहात क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी फील्ड में उतरकर व्यवस्था की निगरानी नहीं करेंगे और शिकायतों के समाधान की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक बिजली संकट से राहत मिलना मुश्किल है। अब सवाल यह है कि आखिर भीषण गर्मी में परेशान लाखों ग्रामीण उपभोक्ताओं की सुध विभाग कब लेगा और मथुरा देहात को निर्बाध बिजली आपूर्ति कब मिलेगी?
इस संमंध में SE देहात से जानकारी चाही तो उन्होंने फ़ोन अटेंड नहीं किया।

