मथुरा : भीषण गर्मी में श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए नगर निगम ने मंदिरों के आसपास पंखा-कूलर सिस्टम स्थापित किए हैं। लेकिन, इन पंखा-कूलर की देखरेख के अभाव में दौड़े करंट की चपेट में आए मप्र के छतरपुर निवासी युवक को जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मंदिर के आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। युवक के साथ आए पिता का रो-रोककर बुरा हाल हो रहा है। पिता का कहना है इस्कॉन मंदिर व नगर निगम की लापरवाही ने इकलौते बेटे की जान ले ली। पुलिस ने शव का पंचनामाभर पोस्टमार्टम को भेजा है।
पिता डॉक्टरों की बात मानने को तैयार नहीं
अस्पताल में पिता डॉक्टरों की बात मानने को तैयार नहीं था। वह कभी बेटे की छाती दबाते, तो कभी उसके चेहरे को सहलाकर कहते, “भैया उठ जाओ… पापा बुला रहे हैं। बेटा प्लीज उठ जाओ… मेरे लिए उठ जाओ…”
अस्पताल स्टाफ उन्हें समझाता रहा कि अब कुछ नहीं हो सकता, लेकिन पिता बार-बार यही कहते रहे, “होगा… होगा… मेरा बेटा अभी उठेगा।” यह दृश्य देखकर अस्पताल में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

हीट वेव से बचाने के लिए नगर निगम ने कूलर लगाया है। ये हवा के साथ पानी भी बाहर फेंकता है।

वृंदावन का इस्कॉन मंदिर। इसी मंदिर में अनिल गुप्ता अपने बेटे अभिज्ञान के साथ दर्शन करने आए थे।
पिता के साथ दर्शन करने आया था बेटा
मध्य प्रदेश के छतरपुर के रहने वाले अनिल गुप्ता अपने 21 साल के बेटे अभिज्ञान गुप्ता के साथ वृंदावन दर्शन करने आए थे। दोपहर करीब 12 बजे पिता-पुत्र यहां के इस्कॉन मंदिर पर दर्शन करने पहुंचे। मंदिर के मुख्य गेट के पास लगे वाटर स्प्रे कूलर के नीचे अभिज्ञान चप्पल उतार रहा था। इसी दौरान कूलर में करंट आ गया और वह उससे चिपक गया।
बेटे को बचाने दौड़े पिता, उन्हें भी लगा झटका
बेटे को करंट लगते देख पिता अनिल उसे बचाने दौड़े। अनिल गुप्ता को भी करंट का झटका लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह पिता-पुत्र को कूलर से अलग किया और हादसे की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही रमण रेती पुलिस चौकी से पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और करंट लगने से घायल हुए युवक और पिता को लेकर अस्पताल ले जाने के लिए दौड़ पड़े।
जिला संयुक्त चिकित्सालय पहुंचे पिता पुत्र को डॉक्टरों ने चेक किया। जिसके बाद अभिज्ञान गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। अनिल को प्राथमिक उपचार दिया। जिसके बाद वह स्वस्थ हो गए। बेटे की मौत की जानकारी मिलते ही पिता का हाल-बेहाल हो गया। पिता का आरोप था कि यह हादसा जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से हुआ है। मेरा तो बेटा मुझसे हमेशा के लिए छीन गया। मैं उसके साथ दर्शन करने आया था।

पिता ने बेटे को छाती दबा-दबाकर उठाने का प्रयास किया।

बेटे के न उठने पर पिता उससे उठने की विनती करते हुए।
इस्कॉन प्रबंधन ने कहा- कूलर नगर निगम का
पिता द्वारा इस्कॉन मंदिर प्रबंधन पर लगाए गए आरोपों पर इस्कॉन मंदिर वृंदावन के प्रवक्ता रवि लोचन दास ने कहा- यह हादसा मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर नगर निगम द्वारा लगाए गए कूलर में करंट आने से हुआ है। हादसा दुखद है, लेकिन इसमें इस्कॉन वृंदावन का कोई दोष नहीं है। नगर निगम ने श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए यह कूलर लगवाया था।

इस्कॉन मंदिर के बाहर लगे कूलर की हवा लेते श्रद्धालु।
नगर निगम ने साधी चुप्पी
इस मामले को लेकर जब वृंदावन जोन के प्रभारी अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक से जानकारी करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसके बाद नगर निगम के मीडिया प्रभारी और सहायक आयुक्त राकेश त्यागी से जानकारी की तो उन्होंने कहा- मामले का पता करते हैं।

