- डेटा साइंस और आधुनिक तकनीकों के साथ करियर को नई दिशा दे रहा जीएलए का गणित विभाग
दैनिक उजाला, मथुरा : बदलते तकनीकी दौर में गणित अब केवल अंकों और समीकरणों तक सीमित नहीं रह गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, फाइनेंशियल एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और बिजनेस इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में गणित की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा का गणित विभाग विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, उद्योगोन्मुख शिक्षा और शोध आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है।
विभाग में बीएससी मैथमेटिक्स (डेटा साइंस स्पेशलाइजेशन), एमएससी मैथमेटिक्स तथा पीएचडी कार्यक्रम संचालित हैं। नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप तैयार पाठ्यक्रम में गणित के साथ डेटा साइंस, प्रोग्रामिंग और आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों को शामिल किया गया है। विद्यार्थियों को पाइथन, आर-प्रोग्रामिंग, मैटलैब, मैथेमेटिका, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स तथा सांख्यिकीय मॉडलिंग जैसे विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे वे उद्योग और शोध दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बन सकें।
आज डेटा साइंस के क्षेत्र में प्रशिक्षित गणित स्नातकों की मांग तेजी से बढ़ रही है। विभाग के विद्यार्थी डेटा एनालिस्ट, बिजनेस एनालिस्ट, डेटा साइंटिस्ट और मशीन लर्निंग इंजीनियर जैसे उभरते हुए करियर विकल्पों में अपनी पहचान बना रहे हैं। डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, बैंकिंग, फाइनेंस, मार्केटिंग, मानव संसाधन विश्लेषण और रिस्क मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में गणित एवं डेटा साइंस विशेषज्ञों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
विभाग में शोध और नवाचार को भी विशेष प्राथमिकता दी जाती है। अब तक 450 से अधिक शोध पत्र एससीआई, स्कोपस, वेब ऑफ साइंस तथा यूजीसी-केयर सूचीबद्ध शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। विभाग को एक पेटेंट प्राप्त हुआ है, जबकि तीन पेटेंट आवेदन दायर किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) तथा सीएसआईआर से शोध अनुदान प्राप्त हुआ है। विभाग के विद्यार्थी भी फैकल्टी सदस्यों के साथ शोध परियोजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं, जिससे उनमें अनुसंधान और नवाचार की मजबूत नींव विकसित हो रही है।
विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की
प्लेसमेंट और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी विभाग के विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विभाग के अनुसार बीएससी मैथमेटिक्स (डेटा साइंस) बैच-2026 तथा एमएससी मैथमेटिक्स बैच-2025 के विद्यार्थियों का चयन फेयरलैब्स, डीईई पाइपिंग सिस्टम्स तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ है। वहीं विभाग के छात्र नीरज कुशवाहा ने सीएसआईआर-नेट 2023 में ऑल इंडिया रैंक-103 तथा गेट-2023 में ऑल इंडिया रैंक-754 प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
विभाग विद्यार्थियों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान देता है। समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी), राष्ट्रीय कार्यशालाएं, तकनीकी प्रशिक्षण, प्रोग्रामिंग सत्र, गणित क्विज, इंडस्ट्रियल विजिट तथा नेट, गेट और जैम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष तैयारी कराई जाती है। साथ ही विद्यार्थियों को उद्योग जगत के विशेषज्ञों से संवाद और इंटर्नशिप के अवसर भी उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और व्यावहारिक कौशल में निरंतर वृद्धि होती है।
गणित विभागाध्यक्ष प्रो. मनीष गोयल ने कहा कि आज गणित भविष्य की हर उभरती तकनीक की आधारशिला बन चुका है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल मजबूत गणितीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक कम्प्यूटेशनल तकनीकों में दक्ष बनाना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट करियर स्थापित कर सकें।

