फतेहाबाद : हरियाणा के फतेहाबाद में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी एक्शन में नजर आए। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले सिंचाई विभाग टोहाना के एसडीओ को शाम 5 बजे तक अपना पक्ष नहीं रखने पर सस्पेंड करने के आदेश दिए, जबकि बिजली निगम के लाइनमैन कश्मीर सिंह के केस में एक्सईएन और एसडीओ पर भड़ते हुए उसे चार्जशीट करने को कहा।
दरअसल, लाइनमैन वाले मामले में मंत्री को शिकायत कर्ता किसानों ने बताया कि अधिकारी उन्हें कहते हैं कि उनका पूंजड़ भी नहीं पाड़ सकते। इस पर मंत्री गुस्सा हो गए और दोनों अधिकारियों से कहा-

बताओ कितना बड़ा पूंजड़ है तुम्हारा ? सरकारें इनके दम पर चल रही हैं, तुम्हारे दम से नहीं। आप लोग वोट डालने नहीं जाते, सरकारें और देश ये किसान चलाते हैं। इस तरह के शब्द दोबारा सामने नहीं आने चाहिए। इस देश को किसान, मजदूर, व्यापारी, कमेरा अधिकारी हर वर्ग चला रहे हैं। सबका बराबर योगदान है।
मंत्री बेदी ने शिकायतकर्ता किसान से भी कहा कि यदि आरोप गलत हुए तो आप पर भी कार्रवाई होगी। इस पर किसान ने कहा कि लाइनमैल ने उनसे रुपए लिए हैं। इस पर मंत्री ने तुरंत कश्मीर सिंह को चार्जशीट करने के आदेश दिए।
उधर, इस मीटिंग में तीनों विधानसभा क्षेत्र से कोई भी विधायक नहीं पहुंचा। क्योंकि फतेहाबाद और टोहाना के कांग्रेस विधायक लघु सचिवालय के बाहर चुनाव आयुक्त मामले में धरने पर बैठे रहे।

ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में शिकायतें सुनते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी।
5 बजे तक एसडीओ स्टे नहीं दिखा पाए तो सस्पेंड कीजिए
जिला कष्ट निवारण समिति में डीसी डॉ. विवेक भारती, एसपी निकिता खट्टर आदि मौजूद रहे। पहला मामला गांव नाढ़ोडी से आया। शिकायतकर्ता श्रवण ने बताया कि उनके कानूनी रूप से स्वीकृत नहरी खाल को गांव के ही महेंद्र और धनपति बार-बार तोड़ देते है। इससे उसकी फसलें सूखने के कगार पर है और ढाणी में भी पीने का पानी नहीं आ रहा।
इस मामले में मंत्री ने टोहाना सिंचाई विभाग के एक्सईएन से जवाब तलब किया। एक्सईएन बताया कि इस मामले में एसडीओ ड्यूटी मजिस्ट्रेट हैं और वे मौके पर गए तो दूसरे पक्ष ने स्टे दिखा दिया। मंत्री ने एसडीओ को बुलाया। इस पर एक्सईएन ने बताया कि एसडीओ आज कोर्ट गए हैं।
इसी बीच शिकायतकर्ता ने बताया कि वह स्टे नहीं है, बल्कि कोई और कागजात हैं, जिसे स्टे बताया गया है। इस पर मंत्री ने डीसी को निर्देश दिए कि एसडीओ टोहाना शमशेर सिंह यदि 5 बजे तक अपने जवाब में कोर्ट का स्टे आदि नहीं दिखा पाते तो उन्हें सस्पेंड किया जाए।

कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने अधिकारियों से पूछा बताओ कितना बड़ा पूंजड़ है तुम्हारा।
ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश
इसके बाद बडोपल निवासी सुंदर सिंह ने पिछली मीटिंग के ही परिवाद को दोबारा मीटिंग में रखा। बताया कि गांव चिंदड़ से बडोपल तक पानी निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाई गई है, जो घटिया है। कई जगह से यह पाइपलाइन लीकेज है, जिसे दोबारा डलवाई जाए।
इस पर मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से पूछा तो बताया गया कि ठेकेदार ने काम पूरा नहीं किया है। उस पर विभागीय कार्रवाई की जा रही है। मंत्री ने कहा कि विभागीय कार्रवाई के अलावा ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। अधिकारियों ने इस मामले में दोबारा टेंडर लगाने और इस को प्रक्रिया पूरी करने के लिए 3 महीने का समय मांगा।
मंत्री ने रिश्वत वाली शिकायत पढ़कर सुनाई
एक परिवाद में गांव मढ़ के किसानों ने बताया कि उनके घग्घर नदी किनारे खेत हैं। उनके कनेक्शन एक ही फीडर लाइन पर कर दिए हैं, अलग-अलग किए जाएं। शिकायत में प्रति किसान फीडर लगाने पर 50 हजार रुपए और लाइन बदलने पर 15 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप लगाए गए थे। किसानों का कहना था कि लाइनमैन कई सालों से इसी जगह तैनात है और किसानों से उगाही कर रहा है।
इस पर मंत्री ने खुद ही किसानों की शिकायत पढ़ कर सुनाई। मंत्री ने कहा कि यह आरोप गंभीर है, यदि ये सही हैं तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और यदि आरोप गलत रहे तो आप पर भी कार्रवाई होगी।

ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में शिकायतें लेकर पहुंचे लोग और मौजूद अधिकारी।
किसानों पर गलत शिकायत देने के आरोप
इससे पहले लाइनमैन कश्मीर सिंह के मामले में मंत्री बेदी जब एसडीओ अशोक कुमार से जवाब तलब कर रहे थे, तभी कई अन्य किसान अधिकारियों का पक्ष लेकर मीटिंग में आ पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता किसानों पर गलत शिकायत देकर माहौल खराब करने के आरोप लगाए।
कहा कि जो व्यवस्था बनी है, उससे सभी किसान संतुष्ट हैं। इस पर एसडीओ अशोक कुमार ने कहा कि 4 फीडर लगे हैं, किसानों के हिसाब से शेड्यूल बनाया हुआ है।

