आगरा से शिक्षक सीट पर सपा के आकाश अग्रवाल जीत गए हैं। उन्होंने भाजपा के हरिकिशोरी तिवारी को हराया है। आकाश को रिटर्निग अधिकारी/मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने प्रमाण पत्र दिया।
डा. आकाश अग्रवाल लगातार दूसरी बार शिक्षक एमएलसी बने हैं। इस बार वह सपा से प्रत्याशी थे। जबकि इससे पहले वह निर्दलीय चुनाव जीते थे। पिछली बार भाजपा के डा. दिनेश चंद्र वशिष्ठ को हराया था। आगरा शिक्षक सीट पर 25 घंटे तक मतगणना प्रक्रिया चली। वहीं, स्नातक सीट पर भाजपा प्रत्याशी डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की है। इससे मंगलवार रात जमकर हंगामा हुआ। सपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उनका कुर्ता फाड़ दिया। वह अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। वहीं भाजपा के हरिकिशोर तिवारी ने भी सपा के लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया था। कहा था कि सपाइयों ने उनका कुर्ता फाड़ दिया।

सपा शिक्षक प्रत्याशी डा. आकाश अग्रवाल ने बताया कि भाजपा के लोगों ने मारपीट की।
रात डेढ़ बजे दोनों पक्षों में टकराव
मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी डा. आकाश अग्रवाल ने मारपीट और कुर्ता फाड़ने का आरोप लगाया। दूसरी ओर भाजपा प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी भी समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए।
उन्होंने सपा समर्थकों पर अभद्रता करने के आरोप लगाए। विवाद के चलते कुछ समय के लिए मतगणना प्रभावित होने की खबर सामने आई। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया।

भाजपा स्नातक प्रत्याशी डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने जीत दर्ज की है।
स्नातक सीट पर भाजपा 459 वोट से आगे
आगरा खंड स्नातक निर्वाचन 2026 के पांचवें राउंड के बाद भाजपा प्रत्याशी डा. मानवेंद्र प्रताप सिंह के कुल 31,393 और सपा प्रत्याशी शशांक यादव के 22,537 वोट हो गए हैं। दोनों के बीच 8,856 मतों का अंतर है।

भाजपा शिक्षक प्रत्याशी हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि उनके साथ भी मारपीट की गई।
तीन बूथों पर हुआ था पुनर्मतदान
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन बूथों पर गड़बड़ी की शिकायतों के बाद 26 अक्टूबर को पुनर्मतदान कराया गया था। इसके बाद 27 अक्टूबर को मतगणना शुरू हुई। आगरा खंड में कुल 12 जिले शामिल हैं। स्नातक सीट पर 13 और शिक्षक सीट पर 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।

