बीकानेर : झोपड़े में आग लगने से 5 साल का मासूम जिंदा जल गया। आग से बचने के लिए वह झोपड़े में रखे पानी के टैंक में छिपा था। आग बढ़ती हुई टैंक के आसपास जलती रही और मासूम की इसी में तड़प-तड़प कर जान चली गई।

उसके पिता और मां खेत से लौटे तो झोपड़ा जला देख उनके होश उड़ गए। आसपास अपने 5 साल के बेटे का पता किया तो देखा उसका शव घर में रखी लोहे के टैंक में मिला। हादसे में झोपड़े का सारा सामान जल गया सिर्फ राख ही बची।

मामला बीकानेर के जसरासर गांव में कांकड़ की रोही में ढाणी का शनिवार रात का है।

घर पर अकेला था बेटा

चाचा पूनम सिंह राठौड़ ने बताया बड़े भाई किसान कल्याण सिंह का 5 साल का बेटा भरत सिंह इस हादसे का शिकार हुआ। कल्याण सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ जसरासर के गुंदुसर गांव की कांकड़ की रोही ढाणी में रहते हैं।

शनिवार को वो और उनकी पत्नी बेटे को झोपड़ी में ही छोड़ खेत पर गए थे। बच्चा घर में अकेला था।

तस्वीर, उस टैंक की है जिसमें मासूम आग से बचने के लिए छिपा था।

तस्वीर, उस टैंक की है जिसमें मासूम आग से बचने के लिए छिपा था।

पूरा घर जलकर राख हो गया, केवल लोहे का सामान ही बचा था।

पूरा घर जलकर राख हो गया, केवल लोहे का सामान ही बचा था।

लोहे की टंकी में मिला शव

पूनम सिंह राठौड़ ने बताया- खेती का काम कर दोनों पति-पत्नी शाम को साढ़े 7 बजे घर लौटे तो झोपड़े में आग लगी हुई थी। पूरा मकान जलकर राख हो गया था केवल लोहे का सामान ही बचा था। इसमें एक दरवाजा खड़ा था और पानी का टैंक ही बचा था।

दोनों ने बेटे को आसपास ढूंढा तो नहीं मिला। इसके बाद घर के सामान की तलाशी ली तो बेटे भरत सिंह का शव लोहे की टंकी में मिला। यह देख परिजनों और ग्रामीणों के होश उड़ गए।

पानी भरने के काम आने वाले इस बॉक्स में भरत सिंह कैसे पहुंचा, इसका पता नहीं चल पाया है।

दम घुटने-जलने से मौत

परिजनों का अंदेशा है कि आग देखकर भरत सिंह संभवत: पानी की टंकी में छिप गया होगा। जहां आग पहुंचने के बाद उसकी टंकी गर्म होने से इसी में ही मौत हो गई होगी। हादसे के बाद कल्याण सिंह के परिचित मौके पर आए और पुलिस ने छानबीन शुरू की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *