आगरा : आगरा में यमुना आरती स्थल पर गुरुवार को नाथूराम गोडसे के तर्पण और श्रद्धांजलि कार्यक्रम को लेकर हंगामा हो गया। अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान और जिलाध्यक्ष मीरा राठौर करीब 10 से 15 कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम करने पहुंचे थे। कार्यकर्ताओं के हाथों में तर्पण की सामग्री थी।
मौके पर पहले से तैनात पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इस दौरान पुलिस और महासभा कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई। पुलिस ने उनके हाथों से तर्पण की सामग्री छीन ली। फिर पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस सभी को बाइक और जीप से थाने ले गई।
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अज्जू चौहान ने 2 अक्टूबर को गोडसे के तर्पण और श्रद्धा कार्यक्रम का ऐलान किया था। शहर में कार्यक्रम के पोस्टर लगाए थे। गांधीवादी संगठनों ने इसका विरोध किया। पुलिस प्रशासन से शिकायत कर पोस्टर हटाने की मांग की। ये भी कहा कि यह कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। तनाव की स्थिति बनने पर पुलिस ने गुरुवार रात पोस्टरों को हटा दिया।
इसके बाद शुक्रवार सुबह से ही यमुना किनारे और शहर के प्रमुख चौराहों पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
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यमुना आरती स्थल के बाहर पुलिस ने अखिल भारतीय हिंदू महासभा के पदाधिकारियों को रोक दिया।
तर्पण सामग्री को लेकर भी हुई नोकझोंक
कार्यक्रम के ऐलान के बाद गुरुवार सुबह 11 बजे अज्जू चौहान और जिलाध्यक्ष मीरा राठौर कार्यकर्ताओं के साथ बेलनगंज स्थित यमुना आरती स्थल पहुंचे। पुलिस ने उनसे कार्यक्रम की अनुमति दिखाने को कहा। पुलिस के मुताबिक, आयोजकों के पास कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं थी।
पुलिस ने कार्यकर्ताओं से वापस जाने के लिए कहा, लेकिन वे कार्यक्रम करने पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके हाथों से तर्पण की सामग्री छुड़ा ली। इसी बात को लेकर मौके पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति कार्यक्रम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती थी।

पुलिस ने संगठन की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर को हिरासत में ले लिया।
मीरा राठौर बोलीं- हमें कार्यक्रम नहीं करने दिया गया
जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा, “नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी को गोली मारी थी। इसके बाद नाथूराम गोडसे शहीद हो गए थे। आज हम अपने शहीद और रोल मॉडल नाथूराम गोडसे की श्रद्धा करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस हमें परेशान कर रही है।”
उन्होंने कहा कि संगठन यहां भंडारा भी करना चाहता था, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। मीरा राठौर ने आरोप लगाया कि संगठन के हर कार्यक्रम को रोका जाता है, जबकि वे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से करते हैं।

पुलिस संगठन के पदाधिकारियों को बाइक से थाने ले गई।
पुलिस बोली- बिना अनुमति आयोजन नहीं होगा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए आयोजकों के पास कोई अनुमति नहीं थी। पुलिस ने कार्यकर्ताओं से अनुमति पत्र मांगा, लेकिन वे इसे प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया।
पुलिस का कहना है कि किसी भी धार्मिक या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति के बिना आयोजन नहीं करने दिया जाएगा।
हंगामे के बाद यमुना आरती स्थल पर स्थिति फिलहाल शांत है। पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद है और निगरानी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात की गई है।

गुरुवार को आगरा की सड़कों ऐसे पोस्टर लगाए गए थे। जिन्हें पुलिस ने हटा दिया

