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राममंदिर चोरी- मोजे में नोट छिपाकर ले जाते थे आरोपी:डिलीट CCTV पुलिस ने रिकवर किए; जेल में 5 आरोपियों से पुलिस की पूछताछ

अयोध्या : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी मोजों और जेब में नोट छिपाकर ले जाते थे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने IT एक्सपर्ट की मदद से डिलीट किए गए CCTV फुटेज रिकवर कर लिए हैं। फुटेज में आरोपी चोरी करते दिखे हैं। हालांकि, आरोपियों के चेहरे साफ नहीं दिख रहे हैं।

पुलिस फुटेज की क्वालिटी बेहतर कराने में जुटी है। इधर, पुलिस रविवार दोपहर 1.50 बजे जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ करने पहुंची। आरोपी रमाशंकर मिश्रा, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय से पूछताछ जारी है। 3 आरोपियों से पुलिस पहले ही पूछताछ कर चुकी है।

इधर, अयोध्या जेल में शनिवार को सभी आरोपियों को अलग-अलग बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है। पहले सभी एक बैरक में थे। पुलिस को शंका थी कि ये सभी आपस में मारपीट कर सकते हैं या कोई साजिश रच सकते हैं। इस बीच, लखनऊ में आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर रविवार को एक पोस्टर लगाया गया। पोस्टर पर लिखा है- ‘चंदा चोर पार्टी का प्रवेश वर्जित है।’

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर शनिवार को पहली बार बयान दिया। उन्होंने लखनऊ में कहा- जो हुआ, वह गलत है। इससे जनता में गलत संदेश गया है। यह विपरीत परिस्थिति है। विपक्ष को मुद्दा मिल गया है। प्रदेश सरकार कार्रवाई कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने पर SIT 15 जुलाई के बाद FIR दर्ज करा सकती है। मुकदमे में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा देने वाले चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी बनाया जा सकता है।

गोविंद देव गिरी बोले- घटना से लज्जित हूं, न्यास से एक रुपया भी नहीं लिया

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने चिट्ठी जारी कर दी चढ़ावा चोरी मामले पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि चोरी की घटना से आहत, दुखी और लज्जित हूं। मैंने अपने प्रवास के लिए न्यास से एक रुपया भी नहीं लिया।

गोविंद देव गिरी ने कहा कि खर्च सीधे बैंक के माध्यम से किए जाते थे, मैं कथा के लिए बाहर रहता था, मेरा निवास पुणे में है, मैं अयोध्या महीने-डेढ़ महीने में ही आता था।

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