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हाथरस में सीएमओ ने दौड़कर विधायक के पैर छुए:बोले- ये मेरे संस्कार हैं, इसमें गलत क्या; एक महीने पहले हुआ था प्रमोशन

हाथरस : हाथरस में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने भाजपा विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष के पैर छुए। मंगलवार को जिला अस्पताल में एक कार्यक्रम था। इसमें करीब 1 बजे विधायक अंजुला सिंह माहौर, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह और डीएम अतुल वत्स पहुंचे थे।

जैसे ही विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष कार से उतरकर आगे बढ़े, सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश पीछे से दौड़ते हुए आए। उन्होंने पहले विधायक अंजुला सिंह माहौर और फिर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह के पैर छुए।

उस समय अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। सीएमओ ने कहा कि ये मेरे संस्कार हैं, इसमें गलत क्या है?

सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश ने पहले विधायक फिर भाजपा जिलाध्यक्ष के पैर छुए।

सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश ने पहले विधायक फिर भाजपा जिलाध्यक्ष के पैर छुए।

जानिए

मंगलवार को जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री केयर्स फंड से लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट के प्रेशर बूस्टर सिस्टम का उद्घाटन होना था। कार्यक्रम में सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह पहुंचे। उनके पहुंचते ही सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश दौड़कर आए और पहले विधायक, फिर भाजपा जिलाध्यक्ष के पैर छुए। इसके बाद उन्हें कार्यक्रम स्थल तक ले गए।

डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में अतिथियों का स्वागत किया गया। करीब 10 मिनट बाद डीएम अतुल वत्स भी पहुंचे। इसके बाद विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष और डीएम ने फीता काटकर प्रेशर बूस्टर सिस्टम का शुभारंभ किया।

जानिए कौन हैं सीएमओ डॉ. वेद प्रकाश

डॉ. वेदप्रकाश मूल रूप से बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद के रहने वाले हैं। उनके पिता शंकर लाल गुप्ता टीचर थे। उनके बड़े भाई सीपी अग्रवाल शिवकुमार अग्रवाल जनता इंटर कॉलेज, जहांगीराबाद में प्रधानाचार्य हैं। इन्हें राज्य पुरस्कार एवं राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

डॉ. वेद प्रकाश 3 जून, 2026 को ही प्रमोशन के बाद हाथरस के सीएमओ बने हैं। इससे पहले वह हापुड़ में ACMO के पद पर तैनात थे।

सरकारी अधिकारियों के आचरण पर को लेकर बने हैं नियम

उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य राज्यों के सेवा नियमों के तहत अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियमावली, 1968 और केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 लागू होते हैं।सार्वजनिक या आधिकारिक क्षमता में किसी भी अधिकारी द्वारा किसी राजनेता के पैर छूना सीधे तौर पर Conduct Rules के ‘Rule 3’ (अशोभनीय आचरण) का उल्लंघन है, जिसके तहत अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई या ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जा सकता है।

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