लखनऊ में मंगलवार को सुबह 9 बजे ग्राम पंचायत अधिकारी भर्ती (2022) के अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास का मानव शृंखला बनाकर घेराव किया। अभ्यर्थियों ने 2022 में आई वैकेंसी के फाइनल रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि सारी प्रक्रिया पूरी है तो रिजल्ट में देरी क्यों की जा रही है।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि 2022 के विज्ञापन के लिए 2023 में आवेदन लिए गए। लिखित परीक्षा, अभिलेख सत्यापन सहित सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई, लेकिन फाइनल परिणाम जारी नहीं किए गए। प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम के माध्यम से आयोग से शीघ्र परिणाम जारी किए जाने की मांग की।

अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम के आवास के बाहर मानव शृंखला बनाई। इस दौरान पुलिस मौजूद रही।
2022 में आई थी वैकेंसी
अभ्यर्थी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि PET के जरिये 2022 में वैकेंसी आई थी। ग्राम पंचायत अधिकारी के 1468 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया 2023 में शुरू हुई थी। हजारों अभ्यर्थियों ने भर्ती में आवेदन किया। 27 अप्रैल 2025 को लिखित परीक्षा भी आयोजित हो चुकी है। पात्र अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन की प्रक्रिया अप्रैल-मई तक पूरी कर ली गई थी । फिर भी अब तक फाइनल परिणाम जारी नहीं किए गए हैं। परिणाम में हो रही देरी की वजह से अभ्यर्थियों में नाराजगी है।
पंचायती राज मंत्री के आवास पहुंचे

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाद अभ्यर्थी पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास पहुंच गए। पुलिस ने बात करके यहां से सबको वापस कर दिया।
ओपी राजभर के आवास से पुलिस ने लौटाया
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास के बाद अभ्यर्थी पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास पहुंच गए। पुलिस ने बात करके यहां से सबको वापस कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनके सामने रोजगार का संकट और जीवनयापन करने की चुनौतियां हैं। अगर समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाती तो आज वे लोग अपने परिवार का सहारा होते।

