लखनऊ : संभल के सीओ अनुज चौधरी को प्रमोशन मिल गया है। सरकार ने उन्हें एडिशनल एसपी (एएसपी) बनाया है। शुक्रवार देर रात आदेश जारी किया गया। 2012 बैच के PPS अफसर अनुज स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हुए थे। स्पोर्ट्स कोटे से इस पद तक पहुंचने वाले वह यूपी पुलिस के पहले अफसर हैं। इससे पहले स्पोर्ट्स कोटे से कोई भी पुलिसकर्मी एडिशनल एसपी के पद तक नहीं पहुंचा था।
अनुज चौधरी संभल हिंसा के बाद सुर्खियों में आए थे। हिंसा के दौरान उनके पैर में गोली लगी थी। अनुज चौधरी ने कहा था- साल में होली एक बार आती है, जुमा 52 बार आता है। उनके इस बयान का समर्थन सीएम योगी ने भी किया था। कहा था- पहलवान है, पहलवान की तरह ही बोलेगा।
यूपी में एडिशनल एसपी के 41 पद खाली थे। 2 अगस्त को पुलिस विभाग में हुई विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक में 29 डिप्टी एसपी के नामों पर चर्चा हुई थी। इसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की थी। इसमें डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एम. देवराज और गृह विभाग के अधिकारी शामिल थे।
आखिरी नाम अनुज चौधरी का जोड़ा गया। बताया जा रहा कि उनकी सीनियारिटी में बदलाव के बाद प्रमोशन का रास्ता साफ हुआ। सीओ से एएसपी बनने के लिए 12 साल की सर्विस जरूरी होती है, जो 2012 बैच में सिर्फ अनुज चौधरी ने पूरी की। इस बैच का रिक्रूटमेंट 2014 में हुआ था, इसलिए किसी और को प्रमोशन नहीं मिला। वैकेंसी के सापेक्ष उनका प्रमोशन कर दिया गया।
हिंसा के बाद विवादों में रहे अनुज, आनन-फानन में खत्म हुई जांच
संभल हिंसा के बाद से अनुज चौधरी लगातार विवादों में रहे हैं। इसके बाद उनके खिलाफ भी जांच शुरू हो गई थी। हालांकि, जांच को चंद दिनों के अंदर खत्म कर दिया गया था। लेकिन, पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की आपत्ति के बाद दोबारा जांच शुरू हुई थी। इसमें भी अनुज चौधरी को क्लीनचिट देते हुए फाइल बंद कर दी गई थी।
बयान या विवाद, जिनसे चर्चा में आए अनुज चौधरी
जुमे की नमाज पर दिए बयान के बाद चर्चा में आए थे अनुज
अनुज चौधरी मौजूदा समय में संभल जिले की चंदौसी तहसील में तैनात हैं। संभल हिंसा के दौरान कार्रवाई और अपने बयानों को लेकर वे चर्चा में आए थे। इसके बाद रमजान महीने में एक बैठक में उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों को चेतावनी दी थी कि जुमा साल में 52 बार आता है, होली एक बार आती है। जिसे रंग से परहेज हो, वो घर से बाहर न निकले। इस बयान के बाद विवाद खड़ा हाे गया था।
आजम खान से भी हो चुकी है भिड़ंत
अनुज चौधरी पहली बार उस समय भी सुर्खियों में आए थे, जब उनकी सपा नेता आजम खान से भिड़ंत हो गई थी। दरअसल, आजम खान बड़ी संख्या में नेताओं के साथ मुरादाबाद कमिश्नर से मिलने जा रहे थे। इस दौरान अनुज चौधरी ने आजम खान से कहा था कि सिर्फ 27 लोग ही अंदर जा सकते हैं। इसको लेकर आजम खान से उनकी कहासुनी भी हो गई थी।
जानिए कौन हैं चर्चित सीओ अनुज चौधरी?
अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में देश का मान बढ़ा चुके अनुज चौधरी स्पोर्ट्स कोटे से यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। अर्जुन अवॉर्डी अनुज चौधरी पुलिस फोर्स में मजबूत कद काठी, बॉडी फिटनेस के साथ अपने बेधड़क अंदाज से भी जाने-जाते हैं। मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव से ताल्लुक रखने वाले अनुज चौधरी ने 2002 और 2010 के नेशनल गेम्स में दो सिल्वर मेडल जीते थे।
एशियाई चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीते थे। अनुज चौधरी साल 1997 से 2014 तक कुश्ती में नेशनल चैंपियन रहे। साल 2001 में इन्हें लक्ष्मण अवॉर्ड मिला, तो साल 2005 में अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया था।

