सहारनपुर : सहारनपुर में हापुड़ में तैनात जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) सीमा चौधरी पर 5 लोगों पर FIR हुई है। यह केस उनकी मां ने दर्ज कराया है। 30 जून को मां की तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
DSO की मां का आरोप है कि मेरी बेटी ने अपनी ‘काली कमाई’ को छिपाने के लिए मेरे खाते का उपयोग किया। मेरी बिना अनुमति और जानकारी के खाते में 15 लाख रुपए डालवाए। मेरी जमीन हड़पने की कोशिश हुई। मैंने जब मना किया तो मुझे जान से मारने की धमकी दी। थाना सरसावा में यह केस दर्ज हुआ है।
मां बोली- बिना मेरी अनुमति के खाते में पैसे डाले
ग्राम मीरपुर सीतापुर निवासी श्रीमती मुनेश रानी ने बताया कि मेरी बेटी सीमा ने गाजियाबाद के आईसीआईसीआई बैंक में मेरे नाम से खाता खुलवाया। वह ही इसे चलाती है। खाते में हुए लेनदेन की जानकारी मुझे कभी नहीं दी गई।
बताया कि मेरी बेटी सीमा चौधरी ने मेरे खाते में 15 लाख रुपए जमा कराए। मुझे इसकी जानकारी नहीं दी गई। मेरे मोबाइल पर जब मैसेज आया तो मुझे इसकी जानकारी हुई। फिर मैं बैंक गई तो जानकारी सही मिली। आरोप है कि मेरी बेटी ने अपनी ‘काली कमाई’ को छिपाने के लिए मेरे खाते का उपयोग किया।

सीमा चौधरी पर DIG के आदेश पर केस दर्ज हुआ है।
बेटी को बताया भूमाफिया गिरोह का हिस्सा
बताया कि मेरी बेटी एक भूमाफिया गिरोह का हिस्सा है। मेरी बेटी ने सरसावा के मीरपुर सीतापुर गांव निवासी संजीव चौधरी और गंभीर, बागपत के गांव मीरपुरा निवासी राजेंद्र राणा और सरसावा के गांव पहलवानपुर निवासी नरेश कुमार के साथ मिलकर मेरी जमीन पर कब्जा करने की साजिश रची। ये सभी प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं।
16 सितंबर 2023 की एक फर्जी रसीद तैयार कर उनके जाली हस्ताक्षरों के आधार पर जमीन हड़पने का प्रयास किया। मुझे तहसील प्रशासन से इसकी जानकारी हुई। मैंने जब विरोध किया तो मुझे जान से मारने की धमकी दी गई। फिर मुझे देहरादून निवासी नैंसी को मजबूरन अपनी जमीन बेचनी पड़ी।
उन्होंने बताया कि मैंने 13 मई को सरसावा थाने में तहरीर दी। मगर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मैंने एसएसपी को शिकायत दी। उनके आदेश पर 30 जून को शाम साढ़े 4 बजे सीमा चौधरी समेत 5 पर केस दर्ज हुआ।

डीएसओ की मां का कहना है कि मेरी बेटी ने मुझे जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस बोली- जांच की जा रही है
पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया-

मेरे पास एप्लीकेशन आई होगी इसके बाद मैंने उसे फारवर्ड एसएसपी को किया था जांच के बाद यह मुकदमा हुआ है।

