- 70 परिसरों की जांच में खुलासा, विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत एफआईआर और राजस्व क्षतिपूर्ति के नोटिस जारी करने की तैयारी
दैनिक उजाला, गोवर्धन (मथुरा) : विद्युत चोरी पर अंकुश लगाने और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की ओर से गोवर्धन क्षेत्र में विशेष विद्युत चोरी निरोधक अभियान चलाया गया। 21 और 22 अक्टूबर 2026 को चलाए गए अभियान के दौरान विद्युत विभाग की टीम ने स्थानीय पुलिस बल के सहयोग से 70 परिसरों की जांच की। इनमें 14 परिसरों में बिजली चोरी के मामले सामने आए। पकड़े गए मामलों में कुल 32.64 किलोवाट विद्युत भार दर्ज किया गया।
अभियान उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उपखंड अधिकारी मनीष कुमार बसंत एवं महावीर सिंह के नेतृत्व में चलाया गया। जांच के दौरान टीम ने मीटर को बाईपास कर तथा बाईपास लाइन के माध्यम से बिजली का उपयोग किए जाने के मामले पकड़े। विभाग ने सभी मामलों का विवरण तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विद्युत विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पकड़े गए सभी मामलों में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही नियमानुसार राजस्व क्षतिपूर्ति (असेसमेंट अमाउंट) के नोटिस भी जारी किए जाएंगे।
इन 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई

विद्युत विभाग की सूची के अनुसार, बिजली चोरी के मामलों में कार्रवाई के लिए चिह्नित व्यक्ति—गोपाल स्वामी, कार्तिक, मुकेश, दीपक, रेखा देवी, मनोज, रेखा, आनंद, श्रीराम, किशनलाल, कृष्णा, सुनील, कमला और पप्पू।
अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड गोवर्धन आशुतोष कुमार तिवारी ने कहा कि बिजली चोरी गंभीर अपराध है। इससे विभाग को राजस्व की हानि होती है और ओवरलोडिंग के कारण आम उपभोक्ताओं को भी निर्बाध विद्युत आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे नियमानुसार बिजली का उपयोग करें। यदि किसी का विद्युत कनेक्शन बकाया या अनधिकृत होने के कारण काटा गया है, तो वह विभागीय कार्यालय से संपर्क कर अपना कनेक्शन नियमित कराए। बिजली चोरी की सूचना देने वाले नागरिकों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

