मथुरा : बलदेव क्षेत्र के गांव दघेटा में संचालित कंपोजिट शराब ठेके को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। देशी शराब, बीयर एवं अंग्रेजी शराब की बिक्री वाले इस ठेके का गांव के समीप तथा नगरिया जाने वाले मार्ग पर स्थित होना स्थानीय लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेके के कारण क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे विद्यालय आने-जाने वाली छात्राओं सहित महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार ठेके के आसपास आए दिन अभद्र व्यवहार, छींटाकशी और बदतमीजी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने ठेका हटवाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं, बच्चियां और पुरुष शामिल रहे।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब की आसान उपलब्धता के कारण गरीब और दिहाड़ी मजदूर नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। लोग घरों से पैसे निकालकर शराब पीने के आदी हो गए हैं, जिससे घर-परिवार में रोजाना विवाद और झगड़े बढ़ते जा रहे हैं तथा सामाजिक माहौल खराब हो रहा है।
सूचना पर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष पुष्पेंद्र कुमार ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपने निर्णय पर अड़े रहे और ठेके को गांव से दूर स्थानांतरित करने की मांग पर डटे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक ठेका यहां से नहीं हटाया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेके के समर्थन में उतरे कुछ लोगों द्वारा आपत्तिजनक और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर ठेके को आबादी से दूर स्थानांतरित कराने तथा गांव में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख ग्रामीणों में
अतर सिंह डीलर, गिरवर सिंह, गुड्डू सिंह, श्वेता सिंह, ओमवीर, गिर्राज प्रधान, कंजा, जेनी, पप्पू, भातू, परशुराम, संजय मास्टर, शीला, सुनीता, गीता, सीमा, नीरज, रूपेश, नीतू और सुमन सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

