- जीएलए का केमिस्ट्री विभाग अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और शानदार करियर अवसरों से सशक्त
दैनिक उजाला, मथुरा : विज्ञान और तकनीक के तेजी से बदलते दौर में रसायन विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित विषय नहीं रह गया है, बल्कि स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यावरण, फार्मास्यूटिकल्स, फूड साइंस, नैनो टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मटेरियल्स जैसी आधुनिक तकनीकों की आधारशिला बन चुका है। ऐसे समय में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा का केमिस्ट्री विभाग आधुनिक प्रयोगशालाओं, उद्योगोन्मुख शिक्षा, उच्चस्तरीय शोध और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के करियर के लिए तैयार कर रहा है।
बीएससी केमिस्ट्री तथा बीएससी (ऑनर्स) केमिस्ट्री पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान के मूल सिद्धांतों के साथ-साथ आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों, विश्लेषणात्मक कौशल और अनुसंधान का प्रशिक्षण दिया जाता है। बीएससी केमिस्ट्री बहुविषयक अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है, जबकि बीएससी (ऑनर्स) केमिस्ट्री शोध, आर एंड डी, फार्मास्यूटिकल्स तथा एमएससी और पीएचडी जैसे उच्च अध्ययन की दिशा में बेहतर अवसर उपलब्ध कराती है।
विभाग की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं हैं। विद्यार्थियों को यूवी-विज स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, एफटीआईआर, टीजीए, डीएलएस, इलेक्ट्रोकेमिकल वर्क स्टेशन, स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, एचपीएलसी, सेंट्रीफ्यूज तथा इलेक्ट्रोफोरेसिस यूनिट्स जैसे आधुनिक उपकरणों पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रदान की जाती है। साथ ही लैब सेफ्टी, डेटा एनालिसिस और मिनी रिसर्च प्रोजेक्ट्स के माध्यम से उन्हें उद्योग और अनुसंधान के लिए तैयार किया जाता है।
व्यावहारिक शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए विद्यार्थियों को सन फार्मा, सीडीआरआई लखनऊ, फेयर लैब गुरुग्राम, आईओसीएल, शुगर मिल तथा वरुण बेवरेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में 4 से 6 सप्ताह की समर इंटर्नशिप, इंडस्ट्रियल विजिट तथा लाइव प्रोजेक्ट्स का अवसर दिया जाता है। इसके अलावा आईआईटी, एनआईटी, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के वैज्ञानिकों एवं उद्योग विशेषज्ञों के विशेष व्याख्यान भी नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं।
शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में भी विभाग लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। विभाग के शिक्षकों द्वारा एल्सेवियर, एसीएस, वाइली और स्प्रिंगर जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों की प्रतिष्ठित जर्नल्स में सैकड़ों शोध पत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं। विभाग के नाम 6 ग्रांटेड तथा 40 पब्लिश्ड पेटेंट हैं। इसके अलावा डीएसटी, एसईआरबी, सीएसटी-यूपी तथा सीएसआईआर जैसी संस्थाओं से प्रायोजित शोध परियोजनाएं संचालित हैं, जिनसे विद्यार्थियों को अत्याधुनिक अनुसंधान का अनुभव प्राप्त होता है।
उद्योगों के साथ एमओयू स्थापित किए
विभाग ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों तथा उद्योगों के साथ एमओयू स्थापित किए हैं। इन सहयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों को उन्नत प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षण, संयुक्त शोध तथा इंटर्नशिप के बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं।
विद्यार्थियों की उपलब्धियां भी विभाग की गुणवत्ता को दर्शाती हैं। पिछले तीन वर्षों में 18 विद्यार्थियों ने आईआईटी-जैम और गेट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर आईआईटी, एनआईटी, केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ-साथ इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और पोलैंड के विश्वविद्यालयों में पीएचडी के लिए प्रवेश हासिल किया है। वहीं कई विद्यार्थियों का चयन सन फार्मा, मैनकाइंड तथा जुबिलेंट लाइफ साइंसेज जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ है।
वर्तमान समय में ग्रीन केमिस्ट्री, नैनो टेक्नोलॉजी, मटेरियल साइंस, फार्मास्यूटिकल्स, फूड साइंस, एनर्जी मटेरियल्स, वाटर ट्रीटमेंट तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित केमिकल रिसर्च जैसे क्षेत्रों में करियर की व्यापक संभावनाएं हैं। विभाग इन आधुनिक विषयों को पाठ्यक्रम एवं प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाकर उन्हें भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार कर रहा है।

विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार दास ने कहा कि रसायन विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन और आधुनिक तकनीक के विकास का आधार है। जीएलए विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल अकादमिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान क्षमता, नवाचार और व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट करियर बनाने के साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

