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गुजरात में शेरनी का किसान पर हमला:हाथ जबड़े में आधे घंटे दबाए रही, फिर छोड़ा; एक और व्यक्ति पर भी हमले की कोशिश की

भावनगर : गुजरात में भावनगर के पालीताना तालुका में सोमवार सुबह शेरनी ने किसान पर हमला कर दियाा। किसान कालूभाई बोगभाई परमार ने बताया कि शेरनी ने मेरी पीठ पर वार किया और मुझे गिरा दिया। फिर उसने मेरा हाथ अपने मुंह में पकड़ लिया। उसने मुझे करीब आधे घंटे तक पकड़े रखा।

कालूभाई ने बताया, ‘मैं लगातार उससे छूटने की कोशिश करता रहा। मैंने उसे खरोंचा भी, लेकिन उसकी पकड़ मजबूत थी।’ शेरनी ने इसके पहले एक और व्यक्ति पर हमले की कोशिश की, लेकिन उसने भाग कर खुद को घर में बंद कर लिया। भावनगर, गिर नेशनल पार्क के इलाके में है। यहां अक्सर घरों और खेतों के आसपास शेर देखे जा सकते हैं।

शेरनी की पकड़ से निकलने की कोशिश करता किसान।

शेरनी की पकड़ से निकलने की कोशिश करता किसान।

किसान कालूभाई बोगभाई परमार ने बताया, ‘मैं सुबह 10:30 बजे अपनी गाय को चारा खिलाने जा रहा था। तभी यह घटना हुई। मैंने खुद को बचाने के लिए शेरनी को खरोंचा, जिससे उसने मेरा हाथ छोड़ दिया।’

उन्होंने बताया, ‘मैं तुरंत वहां से भागा। इसके बाद शेरनी मेरी गाय के पीछे चली गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि शेरनी जमीन पर बैठी है और आदमी को दबाए हुए है। शेरनी ने आदमी के पैर पर काट लिया। आदमी अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है।’

आसपास के लोगों ने शेरनी की पकड़ से किसान को बचाने के लिए उसकी ओर पत्थर फेंके।

आसपास के लोगों ने शेरनी की पकड़ से किसान को बचाने के लिए उसकी ओर पत्थर फेंके।

शेरनी ने किसान के घर के पास यह हमला किया।वहां एक और शेरनी भी मौजूद थी।

शेरनी ने किसान के घर के पास यह हमला किया।वहां एक और शेरनी भी मौजूद थी।

शेरनी ने किसान की पीठ पर हमला किया। इससे काफी खून बह रहा था।

शेरनी ने किसान की पीठ पर हमला किया। इससे काफी खून बह रहा था।

घायल किसान का पालीताना के स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया।

घायल किसान का पालीताना के स्थानीय अस्पताल में इलाज किया गया।

पहले एक और व्यक्ति पर हमला करने की कोशिश की

शेरनी के हमले से बचने वाले हेमूभाई गढ़वी ने बताया, ‘मैं सुबह दूध लेकर आया था, सुबह 8:30 से 9 बजे के बीच का समय था। उस घर में सब लोग चिल्लाने लगे कि भाई, शेरनी हमारी बाड़ में घुस आई है। मैं दौड़कर वहां गया।

जब मैंने अपनी भैंस को छोड़ा, शेरनी सीधे मेरी ओर दौड़ी तो मैं जान बचाने भागा और पास में अपने भाई के घर में घुस गया और दरवाजा बंद कर लिया। मेरी भैंस भी भागी, लेकिन वहीं गिर गई। इससे शेरनी का ध्यान मेरी ओर से हट गया और मैं और मेरी मां दोनों बच गए।

उसके बाद शेरनी वहां से भाग गई। कुछ देर बाद कालूभाई मेरे घर की तरफ आए तो शेरनी ने उन पर हमला कर दिया।

गांव में दहशत, शेरनी को पकड़ने की कोशिश जारी

गरजिया गांव की सरपंच के पति सावजीभाई ने बताया कि उन्होंने इस घटना की सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम डेढ़ घंटे में मौके पर पहुंच गई। शेरनी को पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

इस घटना के बाद गरजिया गांव और आसपास के इलाकों के पशुपालकों में अपने पशुओं और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता और दहशत का माहौल है। डरे हुए बच्चे स्कूल नहीं गए।

पालीताना तालुका पंचायत सदस्य चेतन डाभी ने कहा, हमने वन विभाग से अपील की है कि यहां के शेरों को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया जाए। गांव में सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण हमने वन विभाग को कई बार सूचित किया है, लेकिन फिर भी वन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है।

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