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हायर एजुकेशन के लोन पर 75% क्रेडिट गारंटी मिलेगी:पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को कैबिनेट की मंजूरी, 860 संस्थानों के 22 लाख छात्रों को फायदा

नई दिल्ली : नई दिल्ली में बुधवार को हुई मोदी कैबिनेट की बैठक में पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी गई। इसमें हायर एजुकेशन के लिए 7.5 लाख रुपए तक के लोन पर भारत सरकार 75% क्रेडिट गारंटी देगी।

8 लाख रुपए सालाना आय वाले परिवार के बच्चों को 10 लाख रुपए तक के लोन पर 3% ब्याज अनुदान भी दिया जाएगा। 4.5 लाख रुपए तक की सालाना आय वाले छात्रों को पहले से पूर्ण ब्याज अनुदान मिल रहा है।

इस योजना के दायरे में देश के प्रमुख 860 हायर एजुकेशन सेंटर्स के 22 लाख से अधिक छात्र आएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कहा गया- इस योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को सहायता प्रदान करना है, ताकि उनकी पढ़ाई में पैसा बाधा न बने।

पीएम विद्यालक्ष्मी योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 का ही विस्तार है।

अब जानिए पिछली कैबिनेट बैठकों के फैसले

तस्वीर 3 मार्च की है, केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक दिल्ली के चाणक्यपुरी डिप्लोमैटिक एनक्लेव में सुषमा स्वराज भवन में हुई थी।

तस्वीर 3 मार्च की है, केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक दिल्ली के चाणक्यपुरी डिप्लोमैटिक एनक्लेव में सुषमा स्वराज भवन में हुई थी।

24 अक्टूबर: स्पेस सेक्टर में स्टार्ट अप पर 1,000 करोड़ खर्च करेगी सरकार

भारत सरकार स्पेस सेक्टर में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसे पांच साल में खर्च किया जाएगा। 2025-26 में 150 करोड़, 2026-27, 2027-28 और 2028-29 में 250-250 करोड़, 2029-30 में 100 करोड़ खर्च होंगे।

केंद्रीय मंत्री अश्विन वैष्णव ने यह जानकारी कैबिनेट बैठक के बाद दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक की अध्यक्षता की। आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने इस दौरान रेल मंत्रालय के 6,798 करोड़ रुपए के दो प्रोजेक्ट को पास किया।

इसमें नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढी-मुजफ्फरपुर खंड में 256 किलोमीटर की रेल लाइन को डबल किया जाएगा। वहीं अमरावती होते हुए एर्रुपलेम और नंबुरु के बीच 57 किमी की नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। यह आंध्र प्रदेश के एनटीआर विजयवाड़ा और गुंटूर जिलों और तेलंगाना के खम्मम जिले से होकर गुजरेगी।

बिहार में होने वाले दोहरीकरण से नेपाल, पूर्वोत्तर भारत तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी। मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री ट्रेनों की आवाजाही में सुविधा होगी। दोनों योजनाएं तीन राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार के 8 जिलों को कवर करेंगी।

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