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जीएलए बीएससी कैमिस्ट्री के छात्रों को आइआइटी में पढ़ाई का अवसर

  • जीएलए बीएससी कैमिस्ट्री के छात्रों को आइआइटी जेएएम परीक्षा में सफलता के माध्यम से मिला आइआइटी में पढ़ाई करने का अवसर

दैनिक उजाला, मथुरा : कॉम्पटीशन के इस दौर में प्रत्येक छात्र की इच्छा होती है कि वह आइआइटी जैसे शिक्षण संस्थानों और एनआइटी से अपनी पढ़ाई करे, लेकिन प्रवेश परीक्षा में सफलता न मिलने के कारण वह अपने सपने को साकार नहीं कर पाते। बीते माह जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के बीएससी रसायन विभाग (कैमिस्ट्री) के 4 छात्रों को जॉइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स (जेएएम-जैम) परीक्षा में सफलता हाथ लगी। इसी सफलता के माध्यम से सभी छात्रों को आइआइटी से पीजी कोर्स करने का मौका मिला है।

जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के बीएससी रसायन विभाग (कैमिस्ट्री) के 4 छात्र खुशहाली दुबे, काजल, वंशिता, अभिषेक यादव को आइआइटी में एमएससी में प्रवेश मिला है। इन सभी छात्रों ने मार्च माह में जारी हुए जैम परीक्षा में सफलता हासिल की थी। जेएएम यानि जैम परीक्षा आइआइएससी बैंगलोर, आइआइटी, आइआइएसइआर एवं अन्य सरकारी संस्थानों में मास्टर ऑफ साइंस और अन्य स्नातकोत्तर विज्ञान पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आइआइटी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में देश भर के विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थी शामिल होते हैं।

आइआइटी और एनआइटी के विशिष्ट प्रोफेसर छात्रों को शिक्षा देते हैं

आईआईटी में प्रवेश पाकर छात्रों के चेहरे पर उत्कृष्ट शिक्षा हासिल करने की ललक अलग ही दिखाई दे रही थी। प्रवेश पाने वाले छात्रों का कहना है कि स्नातक की पढ़ाई जीएलए विश्वविद्यालय से हासिल कर सुखद पल का एहसास हो रहा है। विश्वविद्यालय की बेहतर शिक्षा की वजह रही कि जैम परीक्षा में सफलता हाथ लगी। जीएलए में प्रत्येक कॉम्पटीशन में सफलता पाने के लिए अलग से कक्षाएं संचालित होती हैं। जहां आइआइटी और एनआइटी के विशिष्ट प्रोफेसर छात्रों को शिक्षा देते हैं। छात्रा खुशहाली दुबे ने बताया कि जीएलए का रसायन विभाग रिसर्च के क्षेत्र में एक हब की तरह उभर रहा है। आज भी इस विभाग में आधा दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट्स और दर्जनों रिसर्च पेपर पर कार्य चल रहा है। ऐसे प्रोजेक्ट्स और लिखे जाने वाले रिसर्च पेपर छात्रों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।

एमएससी के छात्र देश-विदेश की कंपनियों में परचम लहरा रहे

विभागाध्यक्ष प्रो. दीपक दास ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बीएससी के छात्रों को तो आइआइटी में प्रवेश मिला ही है, बल्कि एमएससी के छात्र शिवम चौधरी, प्रार्थना आचार्य, गुनगुन गुप्ता, गोल्डी गुप्ता आदि देश-विदेश की हिंदुस्तान जिंक, जुविलेंट बायोस्यस, जेयू एग्री, एमपी टू इट, फेयर लैब्स, ईएसएल स्टील, सार कोटिंग एलएलपी आदि प्रतिष्ठित कंपनियों में चयन पाकर परचम लहरा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आज की इस कम्प्यूटर की सुनामी में भी आधारभूत विज्ञान के अवसर खुले हैं। रसायन विज्ञान से स्नातक व परास्नातक छात्रों के लिए कृषि औषधी, रसायन तथा चिकित्सा जैसे अनेक क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। नए आने वाले छात्रों के लिए तो जीएलए ने आधुनिक लैब्स विकसित की हैं। जहां छात्रों को रसायन विज्ञान विषय का बेहतर ज्ञान प्राप्त होगा। इसी ज्ञान के बल पर सरकारी और निजी विभागों में आसानी से रोजगारपरक बनने की ओर अग्रसर होंगे।

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