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Fri. Feb 13th, 2026

सांसद हेमा मालिनी ने मथुरा में राधारमण की रास स्थली पर दी नृत्य की प्रस्तुति

  • पायलों की छन-छन से भगवान को रिझाया
  • सांसद हेमा मालिनी की प्रस्तुति देखने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
कान्हा बने कलाकार के साथ नृत्य नाटिका प्रस्तुति देकर सांसद हेमा मालिनी ने भगवान राधा रमणलाल की आराधना की। - Dainik Bhaskar

कान्हा बने कलाकार के साथ नृत्य नाटिका प्रस्तुति देकर सांसद हेमा मालिनी ने भगवान राधा रमणलाल की आराधना की।

मथुरा: भाजपा सांसद और एक्ट्रेस हेमा मालिनी ने मंगलवार रात वृंदावन के राधा रमण मंदिर में नृत्य प्रस्तुति की। राधारमण लाल की रास स्थल पर साथी कलाकारों के साथ भगवान को रिझाया। 76 साल की उम्र में हेमा मालिनी ने 30 मिनट लगाकर नृत्य किया। उनके साथ दो सखियां और कान्हा रूप में कलाकार भी थे।

उन्होंने बाल रूप में कान्हा बने कलाकार और सखियों के साथ मंदिर के रास मंडप पर आराधना की। पायलों की छन-छन से भगवान को रिझाया। हरे रामा…हरे कृष्णा भजन पर कान्हा भी बांसुरी बजाकर झूमते दिखे। कान्हा ने अपनी माला उतार कर हेमा मालिनी को पहना दी।

भक्ति में लीन हेमा मालिनी कान्हा के सामने हाथ जोड़कर झुक गईं। शीश नवाकर उन्होंने बड़े खुशी मन से हाथ जोड़ा और माला पहनी। नृत्य प्रस्तुति देख वहां मौजूद हजारों देसी-विदेशी दर्शक भी झूम उठे। भक्त ठाकुर जी के अमृत रस वर्षा में मगन दिखे।

राधा रमणलाल को कान्हा का स्वरूप माना जाता है। कान्हा बने कलाकार के साथ हेमा मालिनी ने नृत्य किया।

राधा रमणलाल को कान्हा का स्वरूप माना जाता है। कान्हा बने कलाकार के साथ हेमा मालिनी ने नृत्य किया।

हेमा मालिनी के अलावा कलाकार सखियों ने भी राधा रमणलाल जी को रिझाने के लिए अलग-अलग नृत्य प्रस्तुति दी।

हेमा मालिनी के अलावा कलाकार सखियों ने भी राधा रमणलाल जी को रिझाने के लिए अलग-अलग नृत्य प्रस्तुति दी।

हरे राम... हरे कृष्णा... भजन पर हेमा मालिनी ने प्रस्तुति दी तो वहां मौजूद हजारों दर्शक भक्ति भाव में लीन हो गए।

हरे राम… हरे कृष्णा… भजन पर हेमा मालिनी ने प्रस्तुति दी तो वहां मौजूद हजारों दर्शक भक्ति भाव में लीन हो गए।

पायलों की छन-छन गूंज उठी। हेमा ने अलग-अलग नृत्य प्रस्तुति देकर राधा रमणलाल जू को प्रसन्न किया।

पायलों की छन-छन गूंज उठी। हेमा ने अलग-अलग नृत्य प्रस्तुति देकर राधा रमणलाल जू को प्रसन्न किया।

भगवान को रिझाने के लिए हेमा मालिनी ने नृत्य प्रस्तुति दी तो कान्हा बने कलाकार ने रीझकर हेमा मालिनी को अपनी माला पहना दी।

भगवान को रिझाने के लिए हेमा मालिनी ने नृत्य प्रस्तुति दी तो कान्हा बने कलाकार ने रीझकर हेमा मालिनी को अपनी माला पहना दी।

मुझे यहां नृत्य का तीसरी बार मौका मिला :हेमा मालिनी

‘तिरोभाव’ उत्सव कार्यक्रम में नृत्य प्रस्तुति के बाद हेमा मालिनी ने कहा- आज मुझे तीसरी बार यहां राधारमण लाल जी के रास स्थल पर नृत्य करने का अवसर मिला है। मैं बहुत खुश हूं कि मुझे यहां नृत्य सेवा करने का अवसर मिला। ऐसा मौका बहुत कम मिलता है, मुझे बहुत अच्छा लगा।

‘तिरोभाव’ उत्सव में पहुंचीं हेमा मालिनी का स्वागत मंदिर के पुजारियों ने उनको प्रसाद और अंग वस्त्र भेंटकर किया। मंदिर के सेवायत और प्रख्यात भागवत प्रवक्ता पुंडरीक महाराज के सानिध्य में सेवा अमृत महा महोत्सव और ‘तिरोभाव’ उत्सव चल रहा है। इस उत्सव में रोज ठाकुर राधा रमणलाल जू की राग सेवा के साथ विशेष प्रकार के फूल बंगले भी सजाए जा रहे हैं।

गोपाल भट्ट गोस्वामी का चल रहा 7 दिवसीय उत्सव

मंदिर सेवायत प्रख्यात भागवत प्रवक्ता पुंडरीक महाराज ने बताया- श्री गोपाल भट्ट गोस्वामी पाद महाराज के सप्त दिवसीय धियो-धियो उत्सव को केंद्र में रखते हुए अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इनकी कृपा से उन्हें राधा रमणलाल जू की सेवा करने का सौभाग्य मिला है। इसलिए इस उत्सव को महा महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस विशेष महोत्सव में सबसे खास ठाकुर राधा रमणलाल जू की दंतावली सेवा का दर्शन है। जो अपने आप में सौभाग्य की बात है।

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