अलीगढ़ : पूर्व सीएम बाबूजी कल्याण सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर आज दोपहर 1 बजे सीएम योगी अलीगढ़ पहुंचे। सीएम ने हिंदू ह्रदय सम्राट कहे जाने वाले दिवगंत कल्याण सिंह को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। योगी के संबोधन से पहले कलराज मिश्र जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
इसी बीच उन्हें मंच संचालक की ओर से एक सफेद पर्चा दिया। पर्चा देखकर कलराज मिश्र नाराज हो गए। गुस्से में पीछे मुड़कर उन्होंने देखा। फिर कहा- ये किसने दिया। कल्याण सिंह के जिस तरह से मेरे संबंध रहे हैं। मैं अपने को बोलने से रोक नहीं पाऊंगा। मुझे रोकने का मत सोचना।
मंच से सीएम योगी अलीगढ़ की जनता को संबोधित किया। कार्यक्रम में उमा भारती समेत दोनों डिप्टी सीएम और 6 से ज्यादा केंद्रीय और प्रदेश सरकार के मंत्री भी शामिल हुए हैं। इस कार्यक्रम में 2027 की तैयारियों की झलक भी देखने को मिल रही है।
मंच पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ


PM मोदी के नेतृत्व में सबका साथ-सबका विकास हो रहा
योगी ने कहा- याद करिए, बुलंदशहर बाबूजी की कभी विधानसभा हुआ करती थी। वहां बने मेडिकल कॉलेज का नामकरण बाबूजी के नाम पर किया गया। जो आज PDA के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जब इनकी सरकार होती थी। गुंडे-माफिया प्रदेश में तांडव मचाते थे। हर त्योहार पर प्रदेश में दंगे का ग्रहण लग जाता था।
ये वही लोग हैं, जब उस समय पार्टी बनकर इस हिंदू समाज को त्योहार नहीं मनाने देते थे। कांवड़ यात्रा पर रोक लगाते थे।
विजयदशमी और दुर्गा पूजा में अनुष्ठान नहीं होने देते थे। होली और दीपावली में तमाम व्यवधान उत्पन्न करते थे।
आज PM मोदी के नेतृत्व में तुष्टिकरण नहीं, सबका साथ-सबका विकास और सबकी संतुष्टिकरण पर काम हो रहा है।
जो कुछ हम कर पाए हैं, उसकी आधारशिला बाबूजी ने ही रखी
योगी ने कहा- जब श्रेय लेने की होड़ हो, जब मामला बिगड़ता है तो दूसरे के ऊपर डालने की स्थिति होती है।
ऐसे समय में बाबूजी ने सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर लेकर गुलामी के ढांचे को दुर्गति तक पहुंचाकर श्रीराम मंदिर के भव्य दरबार का मार्ग प्रशस्त किया है।
उनके मार्गदर्शन में जो कुछ हम कर पाए हैं, उसकी आधारशिला बाबूजी ने ही रखी थी। उसी आधारशिला पर आज डबल इंजन की सरकार काम कर रही है।
विरासत और विकास की यात्रा साथ-साथ चली
योगी ने कहा- विरासत और विकास की यात्रा कैसे साथ-साथ चल सकती है। अपने छोटे से कार्यकाल में बाबूजी ने करके दिखाया। इसके बाद उनकी चुनी सरकार को अलोकतांत्रिक माध्यम से कांग्रेस ने बर्खास्त करने का काम किया था, तो राम जन्मभूमि के लिए उन्होंने क्षण भर की देरी नहीं की।
उन्होंने कहा था कि अयोध्या में विवादित ढांचे के गिरने की जिम्मेदारी मैं अपने ऊपर ले रहा हूं। किसी भी रामभक्त का बाल-बांका नहीं होना चाहिए।
कलराज मिश्र को संबोधन के बीच में रोका तो हुए नाराज

योगी के संबोधन से पहले कलराज मिश्र जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी बीच उन्हें मंच संचालक की ओर से एक पर्ची दी गई। पर्ची देखकर कलराज मिश्र नाराज हो गए। उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, फिर कहा- ये किसने दिया। कल्याण सिंह के जिस तरह से मेरे संबंध रहे हैं। मैं अपने को बोलने से रोक नहीं पाऊंगा। इसलिए मुझे रोकने की बात मत सोचना।

