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Wed. Mar 4th, 2026

अलर्ट! 14.9 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के डेटा लीक; Gmail, फेसबुक, इंस्टाग्राम, Netflix अकाउंट्स के ID-पासवर्ड में सेंधमारी

दैनिक उजाला, डेस्क : दुनियाभर में  जीमेल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, नेटफ्लिक्स जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए खतरे की घंटी बज गई है और उनको अलर्ट होना पड़ा है। इन कंपनियों को यूज करने वाले यूजर्स में से 14.9 करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ताओं के लिए इस समय भारी परेशानी की स्थिति हो सकती है क्योंकि इनके लॉग-इन क्रेडेंशियल्स जैसे यूजरनेम और पासवर्ड चोरी हो गए हैं। ExpressVPN की तरफ से पब्लिश की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक ये खबर आई है और इसके चलते 14.9 करोड़ से ज्यादा यूजर्स साइबर हैकर्स के निशाने पर आ गए हैं।

ये रिपोर्ट साइबर सिक्योरिटी  रिसर्चर Jeremiah Fowler की तरफ से सामने आई है और उन्होंने दावा किया है कि लोगों के सेंसेटिव लॉग इन डिटेल्स डेटाबेस सार्वजनिक रूप से सामने आ गए हैं और ऑनलाइन देखे जा रहे हैं।

पॉपुलर प्लेटफॉर्म्स के करोड़ों अकाउंट्स पर पड़ा असर

साइबरसिक्योरिटी रिसर्चर जेरेमिया फाउलर की रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपोज्ड डेटा कई जाने-माने प्लेटफॉर्म्स से लीक हुआ है और इनमें जिन अकाउंट के नाम शामिल हैं उनमे नाम यहां जान सकते हैं-

48 मिलियन (4.8 करोड़) जीमेल अकाउंट्स

4 मिलियन (40 लाख) याहू अकाउंट्स
17 मिलियन (1.7 करोड़) फेसबुक अकाउंट्स
6.5 मिलियन (65 लाख) इंस्टाग्राम अकाउंट्स
3.4 मिलियन (34 लाख) नेटफ्लिक्स अकाउंट्स
1.5 मिलियन (15 लाख ) आउटलुक अकाउंटस

यानी कुल मिलाकर 149,404,754 यूनीक लॉग इन और पासवर्ड्स में सेंधमारी की गई है और ये डेटा कुल मिलाकर 96 जीबी डेटा है जिसमें क्रेडेंशियल डेटा है।

डेटाबेस पासवर्ड प्रोटेक्डेट या इन्क्रिप्टेड नहीं था

जेरेमिया फाउलर ने बताया कि ये डेटा पासवर्ड प्रोटेक्डेट या इन्क्रिप्टेड नहीं था जिसकी वजह से ये आसानी से उन लोगों के लिए एक्सेस करना मुमकिन हो गया जिन्होंने इसे खोजा। ये पब्लिकली एक्सपोज्ड डेटा था जो कि पासवर्ड प्रोटेक्डेट या इन्क्रिप्टेड नहीं था और इसमें 149,404,754 यूनीक लॉग इन और पासवर्ड नहीं थे जिसकी क्षमता 96 जीबी थी। इन फाइल्स का सीमित रिव्यू करने पर उन्होंने इसमें इमेल्स, यूजरनेम्स, पासवर्ड्स और डायरेक्ट लॉगइन और ऑथराइज्शेन यूआरएल लिंक थे जो कॉम्प्रोमाइज किए हुए लिंक से जुड़े हुए थे।

कंपनियों ने नहीं दिया कोई जवाब

फाउलर ने ये भी कहा कि उन्होंने जिन फर्म्स के नाम आए थे उनमें से प्रमुख कंपनियों को ईमेल के जरिए सूचना भेजकर संपर्क किया लेकिन ना तो कई तात्कालिक जवाब आया और ना ही खबर पब्लिश किए जाने तक कोई जवाब आया था।

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