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Wed. Feb 11th, 2026

9 लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट, 10 लाख नौकरी, एग्री एक्सपोर्ट हब, रोजगार सेंटर का होगा निर्माण

उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त् मंत्री सुरेश खन्ना ने बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि कुल 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट है। इस बजच में 10 लाख रोजगार सृजन का प्रावधान है। इसके साथ ही एग्री एक्सपोर्ट हब, और रोजगार सेंटर के निर्माण का भी प्रावधान है।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज वर्ष 2026-27 का बजट पेश हो रहा है। अगले साल यूपी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले योगी के दूसरे कार्यकाल का यह आखिरी बजट है।यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश कर रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया कि युवाओं के रोजगर के लिए ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे। दवाइयों के दाम कम होंगे जबकि किसानों को मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। कुल 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ का बजट पेश किया गया है। 10 लाख नौकरी, एग्रो एक्सपोर्ट हब और रोजगार सेंटर के निर्माण का उल्लेख किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026—27 के लिए प्रस्तुत 9,12,696.3 करोड़ रुपये का बजट पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि इस बजट में पूंजीगत परिव्यय 19.5 प्रतिशत है। 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों (जिन्हें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किया गया है) के क्रम में वित्त वर्ष 2026—27 में राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत रखी गई है। यह वित्त वर्ष 2030—31 तक लागू रहेगी।

सुरेश खन्ना ने प्रमुख मदों में किए गये आवंटन का उल्लेख करते हुए कहा, ” शिक्षा तथा चिकित्सा के लिए किया गया आवंटन कुल बजट का क्रमशः 12.4 तथा छह प्रतिशत है। इसके अलावा कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए आवंटित धनराशि कुल बजट की नौ प्रतिशत है।” 

वहीं वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करने से पहले मीडियाकर्मियों से कहा कि सर्व समाज के लिए जनआंकाक्षों के अनुरूप यह बजट होगा। वहीं सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर लिखा-गरीब के सम्मान, युवा के स्वाभिमान, मातृ शक्ति और किसान की समृद्धि को केंद्र में रखकर बजट पेश किया जाएगा। यह बजट राज्य के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार बनेगा।

सीएम योगी ने आगे लिखा-“जन-जन के अटूट विश्वास और आशीर्वाद के फलस्वरूप, आपकी सरकार आज लगातार 10वीं बार उत्तर प्रदेश विधान मंडल में प्रदेश के सर्वसमावेशी विकास का बजट प्रस्तुत करने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट 25 करोड़ प्रदेश वासियों की आशाओं और आकांक्षाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का ‘दशकीय प्रमाण’ है।” उजानें यूपी बजट से जुड़े पल-पल के अपडेट्स।

सड़क एवं पुल के लिए 34,468 करोड़ रुपये

यूपी के बजट में सड़कों एवं पुलों के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु सड़कों के चौडीकरण/सुदृढ़ीकरण /निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

प्रदेश में पुलों के लिए  4,808 करोड़ रुपये एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी पुलों के निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। राज्य/प्रमुख/अन्य जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण कार्यों हेतु 3,700 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण के लिए 3,000 करोड़ रूपये तथा सड़कों के निर्माण/ चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण हेतु 3,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 
शहरवासियों के आवागमन को सुगम बनाने दृष्टिगत शहरों के बाईपास एवं रिंगरोड तथा चौराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण हेतु 1,500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 
औद्योगिक/लॉजिस्टिक पार्क हेतु मार्गों के चौड़ीकरण/ सुदृढ़ीकरण/निर्माण कार्य हेतु 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

8 डाटा सेन्टर पार्क की स्थापना

प्रदेश में 30,000 करोड़ रूपये के अनुमानित निवेश से 8 डाटा सेन्टर पार्क की स्थापना तथा 900 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है। अद्यतन 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट निर्गत किये गये हैं जिनमें 6 डाटा सेन्टर पार्क्स और 2 डाटा सेन्टर इकाईयाँ हैं। इससे लगभग 21,342 करोड़ रूपये का निवेश तथा 644 मेगावॉट की क्षमता अर्जित की गयी।

एआई-प्रजा कार्यक्रम की शुरुआत

वित्त मंत्री ने कहा कि  माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में एआई-प्रजा कार्यक्रम की शुरुआत की गई है और इस पहल में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, इंटेल, आईबीएम, और वन एम वन बी जैसी वैश्विक स्तर की कम्पनियां एआई प्रशिक्षण में हमारे साथ काम कर रही हैं जिसमें किसानों, स्वयं सहायता समूहों, विद्यार्थियों, डॉक्टरों सहित राजकीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 2,059 करोड़ का बजट

आई.टी.एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की योजनाओं के लिए 2,059 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है। एआई के क्षेत्र में विकास हेतु उत्तर प्रदेश एआई मिशन शुरू किया जा रहा है जिसके लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। 

इंडिया एआई मिशन के साथ प्रदेश की 49 आई.टी.आई. को एआई लैब के साथ ही राज्य में एआई सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस तथा इण्डिया एआई डाटा लैब्स की स्थापना हेतु 32 करोड़ 82 लाख रूपये की व्यवस्था है। साइबर सुरक्षा संचालन केन्द्र की स्थापना की नई योजना प्रस्तावित की जा रही है जिसके लिये 95 करोड़ 16 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  

हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग के लिए 5,041 करोड़ का बजट

वर्ष 2026-27 के बजट में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग की योजनाओं के लिये लगभग 5,041 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में पांच गुने से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है। प्रदेश में गारमेन्टिंग हब बनाने हेतु पी0एम0मित्र पार्क योजना के अन्तर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करायी जा रही है।

हथकरघा बुनकरों के साथ-साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिये अटल बिहारी बाजपेई पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना के लिये 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेन्टिंग पॉलिसी-2022 हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना में 35,280 करोड़ का निवेश

फॉंरेन डाइरेक्ट इन्वेस्टमेन्ट एवं फॉंर्च्यून-500 कम्पनियों के निवेश हेतु घोषित प्रोत्साहन नीति-2023 के क्रियान्वयन हेतु 1,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना में अब तक 200 रक्षा उद्योगों की स्थापना हेतु एमओयू हस्ताक्षरित किये गये हैं, जिसमें 35,280 करोड़ का निवेश एवं 53,263 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार अनुमानित है।

टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण के लिए हेतु 2,374 करोड रुपये

स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना में टैबलेट/स्मार्ट फोन के वितरण की प्रक्रिया गतिमान है। इस योजना हेतु 2,374 करोड रुपये  की व्यवस्था प्रस्तावित है। अटल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत अवस्थापना विकास हेतु 2,000 करोड रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ का बजट

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा- अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की योजनाओं के लिये 27,103 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है।  मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण एवं नये औद्योगिक क्षेत्र प्रोत्साहन योजना हेतु 5,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपए

बजट में चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं। वर्तमान में 60 जनपद में मेडिकल कालेज की सुविधाएं हैं। 16 असेवित जनपदों में मेडिकल कालेजों की स्थापना पी.पी.पी. पद्धति से की जानी है। 

राजकीय तथा प्राइवेट क्षेत्र के मेडिकल चिकित्सा संस्थानों में एम.बी.बी.एस. सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 4,540 थी जिसे बढ़ाकर 12,800 किया गया।  इन चिकित्सा संस्थानों में पीजी सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 1,221 थी जिसे बढ़ाकर 4,995 किया गया। 14 नये मेडिकल कॉलेजों की स्थापना एवं संचालन हेतु 1023 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  कैंसर संस्थान, लखनऊ के लिये 315 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। असाध्य रोगों के इलाज के लिये  निःशुल्क चिकित्सा सुविधा हेतु 130 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए लगभग 8,641 करोड़

एकीकृत डिजीज सर्विलांस पोर्टल पर जनपद स्तर से सरकारी क्षेत्र के साथ निजी क्षेत्र की चिकित्सा इकाइयों द्वारा नियमित रूप से 16 संक्रामक रोगों, 6 वैक्सीन प्रिवेंटेबल डीजिजेज एवं कोविड-19 की रिपोर्टिंग की जा रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग 8,641 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। आयुष्मान भारत नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन हेतु 2,000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना

आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत लाभार्थी परिवारों की संख्या 49.22 लाख है। योजना हेतु 500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है। 

03 करोड़ से ज्यादा बच्चों को पोलियो ड्रॉप

प्रदेश के समस्त जनपदों में  08 दिसम्बर, 2024 से संचालित पल्स पोलियो अभियान के अन्तर्गत 03 करोड़ 28 लाख 44 हजार 929 बच्चों को पोलियो ड्राप पिलायी गयी। जपानी इन्सेफिलाईटिस से बचाव हेतु प्रदेश के संवेदनशील 42 जनपदों में टीकाकरण कार्यक्रम निर्बाध रूप से संचालित है।

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण 37,956 करोड़ का बजट

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिये 37,956 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो 2025-2026 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम प्रदेश के समस्त जनपदों में लागू है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रसव हेतु आने वाली गर्भवती महिलाओं को गारन्टीड कैशलेस डिलीवरी सेवा प्रदान करना है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक ब्लॉक में दो मेडिकल टीमें तैनात की गई जो आंगनबाडी केन्द्रों तथा स्कूलों में जा कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। 

पुलिस भवन निर्माण के लिए 1374 करोड़ का आवंटन

पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु लगभग 1374 करोड़ रूपये तथा आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 1243 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण के लिये 346 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अग्निशमन केन्द्रों के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 200 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्थ, नवनिर्मित केन्द्रों को पूर्ण से क्रियाशील बनाने हेतु 190 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।  मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिला बीट कर्मियों के क्षेत्र.भमण हेतु वाहनों के क्रय हेतु 25 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

महिला अपराधों में कमी

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में वर्ष 2016 के मुकाबले हत्या, दहेज, मृत्यु, बलात्कार और शील भंग के मामलों में क्रमशः 48 प्रतिशत, 19 प्रतिशत, 67 प्रतिशत और 34 प्रतिशत की कमी आयी है। अनुसूचित जाति, जनजाति उत्पीड़न संबंधी अपराधों में 2016 के मुकाबले हत्या, आगजनी, बलात्कार, गम्भीर चोट के मामलों में क्रमशः 43 प्रतिशत, 94 प्रतिशत, 32 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की कमी आयी है। 

कानून व्यवस्था की स्थिति

जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करने एवं कानून व्यवस्था के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का सामना करने हेतु पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम एवं सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में जनसामान्य को सुरक्षा प्रदान करने हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा कठोर प्रयास किये जा रहे हैं जिसके फलस्वरूप अपराध एवं कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ है। वर्ष 2016 के मुकाबले डकैती, लूट, हत्या, बलवा और फिरौती के लिये अपहरण के मामलों में क्रमशः 89 प्रतिशत, 85 प्रतिशत, 47 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 62 प्रतिशत की कमी हुयी है।

दिया जला के रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा-“हमारे  तेजस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिये अथक परिश्रम किया है, और उनका यह संकल्प है।-यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है। दिया जला के रोशनी कर दूं जहाँ अंधेरा है।।”

विकास और सामाजिक संतुलन को साथ लेकर बढ़ना है

वित्त मंत्री ने कहा औद्योगिक व्यवस्था को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास के साथ ही गरीबी उन्मूलन और किसानों की समृद्धि पर यह बजट केंद्रित है। इस बजट का उद्देश्य विकास और सामाजिक संतुलन को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

कौशल विकास पर जोर

बजट में पढ़ाई के साथ साथ कौशल विकास पर जोर। कौशल विकास ट्रेनिंग सेंटर्स की क्षमता बढ़ाई जाएगी। पीपीपी मॉडल पर जनपदों में स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट केंद्र बनाए जाएंगे।

केंद्रीय बजट में यूपी को दो हाई स्पीड रेल कॉरिडोर मिले

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा-” 2026-2027 के केन्द्रीय बजट में उत्तर प्रदेश को 02 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली-वाराणसी तथा वाराणसी-सिलीगुड़ी से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश में स्थित पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक महत्व के दो स्थलों-सारनाथ एवं हस्तिनापुर के विकास की योजना बजट में रखी गई है। इसके लिये मैं प्रदेश की जनता की ओर से आभार व्यक्त करता हूं । इसके अलावा, प्रत्येक जिला अस्पताल में इमरजेन्सी एवं ट्रामा सेन्टर की स्थापना, प्रत्येक जिले में छात्राओं के हॉस्टल, 10 हजार टूरिस्ट गाइडों का कौशल संवर्धन, जैसी योजनाओं का लाभ अन्य प्रदेशों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की जनता को भी प्राप्त होगा।  केन्द्र सरकार द्वारा डायबिटीज तथा कैंसर की दवाओं के मूल्यों में कमी किये जाने की घोषणा की गई है। यह अत्यन्त सराहनीय कदम है।”

ताप विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ी

वित्त मंत्री ने कहा-‘वर्ष 2016-2017 की 5,878 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-2026 (माह दिसम्बर, 2025 तक) में 55.16 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुये 9120 मेगावॉट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता प्राप्त की गयी। हमारी सरकार द्वारा हरित और स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विकास पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 2815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएँ स्थापित की जा चुकी हैं।”

सिंचित क्षेत्र में वृद्धि

वर्ष 2016-2017 में सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर के मुकाबले प्रदेश में वर्ष 2024-2025 में 60 लाख हेक्टेयर अधिक अर्थात 2.76 लाख हेक्टेयर हो चुका है। फसल सघनता जो 2016-2017 में 162.7 प्रतिशत थी वर्ष 2024-2025 में 193.7 प्रतिशत हो चुकी है।

राज्य में हर तरफ विकास हुआ-सुरेश खन्ना

“हमारी सरकार के पिछले और मौजूदा समय में, राज्य में हर तरफ विकास हुआ है, चाहे वह कानून-व्यवस्था को मजबूत करना हो, इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को बढ़ाना हो, इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट हो, रोजगार पैदा करना हो, महिला सशक्तिकरण हो, युवाओं का स्किल डेवलपमेंट हो, किसानों की खुशहाली हो और गरीबी खत्म करना हो। साल 2024-2025 के लिए राज्य का GSDP 30.25 लाख करोड़ रुपये अनुमानित है, जो पिछले साल के मुकाबले 13.4 परसेंट ज़्यादा है।”

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