- हापुड़ में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में भीषण गर्मी का अनुमान है, मौसम विभाग के अनुसार, 16 से 23 अप्रैल तक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है
हापुड़ : मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। रात को तापमान थोड़ा कम रहता है, लेकिन दिन में यह पसीना बहाने को तैयार है। अप्रैल का महीना आधा खत्म होते ही मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
अब 15 अप्रैल से ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के दूसरे पक्ष में ही गर्मी लोगों को पसीना-पसीना कर रही है और इसी हफ्ते पारा 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ेगा। अब 15 अप्रैल से तापमान बढ़ना शुरू हो गया है। महीने के पहले ही दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा, लेकिन हवाओं के चलने से लोगों को पसीना-पसीना नहीं होना पड़ा। वहीं शाम को तापमान में कमी आ गई।
मौसम विभाग का क्या है अलर्ट?
मौसम विभाग के अनुसार, तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है और 16-23 अप्रैल के बीच इसके 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। ऐसे में लोगों को पसीना-पसीना होना पड़ेगा।
भीषण गर्मी से पहले ही अपने कूलर ठीक करा लेने और एसी की सर्विस कराने में ही भलाई है। इससे एकाएक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हीटवेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
आने वाले दिनों में हीटवेव का खतरा अधिक रहेगा, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि जनपद के नौ अस्पतालों में हीटवेव वार्ड बनाए जाएंगे। जिला अस्पताल में सबसे बड़ा हीटवेव वार्ड बनाया जाएगा।
इस तरह करें गर्मी से बचाव
- शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए सादा पानी, नींबू, छाछ, दही सहित अन्य तरल पदार्थ खाएं।
- दोपहर को 12 बजे से 3 बजे तक जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- खाने-पीने में सावधानी के लिए खीरा, तरबूज, ककड़ी, खरबूजा आदि फलों का सेवन करें।
- हल्के रंग के सूती कपड़े, धूप में निकलने के दौरान टोपी, चश्मा और सनस्क्रीम का उपयोग करे।
- सिर दर्द, चक्कर आना, कमजोरी महसूस होने पर छांव का उपयोग करें और पानी अधिक पिएं।
| दिन | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
|---|---|---|
| आज | 41 | 26 |
| 17 अप्रैल | 42 | 28 |
| 18 अप्रैल | 43 | 28 |
| 19 अप्रैल | 42 | 28 |
| 20 अप्रैल | 42 | 27 |
| 21 अप्रैल | 43 | 28 |
| 22 अप्रैल | 44 | 28 |
| 23 अप्रैल | 45 | 28 |
क्या बोले सीएचसी?
सीएचसी अधीक्षक डॉ. कपिल गौतम ने बताया कि मौसम बदलने से सबसे ज्यादा खासी, जुकाम, बुखार और पेट दर्द के मरीजों की संख्या ज्यादा है। हल्की ठंड से गर्म दिन आने के चलते बीमारियां भी बढ़ रही है। ऐसे में मरीजों को खाने-पीने में सावधानी बरतनी चाहिए। ओपीडी में आने वाले मरीजों को चिकित्सकों ने देखा और संबंधित दवाइयां दी गई।
फसलों के एक साथ पकने का अनुमान
बुधवार को तेज धूलभरी हवाएं चलती रहीं। वहीं तापमान भी ज्यादा रहा। ऐसे में गेहूं, जौ व ज्वार की फसलों के एक साथ पक जाने की स्थिति बनने लगी है। बालियां सूखने लगी हैं। इस बार किसानाें को भी फसल उठाने की जल्दी है। उन्होंने फसलों की कटाई के साथ ही गहाई भी आरंभ कर दी है। जिससे मौसम में बदलाव आने पर नुकसान न हो।
मौसम में बदलाव आ रहा है। तापमान बढ़ने लगा है। इसके साथ ही तेज हवा भी चल रही है। तेज हवाओं का चलना फसलों के लिए लाभदायक नहीं है। वहीं अप्रैल के चौथे सप्ताह में एक पश्चिमी विक्षोभ आ सकता है। जिसके चलते दो दिन तक हल्की वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
– डॉ. अरविंद कुमार- मौसम विज्ञानी- कृषि विज्ञान केंद्र।

