दैनिक उजाला, मथुरा (बलदेव) : कस्बा बलदेव में विद्युत आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह चरमराई हुई है। भीषण गर्मी के बीच हर घंटे लगातार 10 बार तक ट्रिपिंग हो रही है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कम वोल्टेज की समस्या भी लगातार बनी हुई है, जिसके कारण घरेलू उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे और व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि स्थानीय लोगों ने समस्याओं के समाधान के लिए एक व्हाट्सऐप ग्रुप तक बना रखा है, जिसमें लगातार फॉल्ट, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज की शिकायतें साझा की जाती हैं। इसके बावजूद आरोप है कि एसई देहात इन शिकायतों को देखकर भी अनदेखी कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो रही है।
बिजली घर की क्षमता 20 से 25 एमवीए तक बढ़ाए जाने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं आया है। लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से गर्मी के मौसम में यही स्थिति बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्यवाही तक सीमित हैं। एसई देहात को कई बार अवगत कराने के बाद भी उन्होंने कस्बे में आकर निरीक्षण करना जरूरी नहीं समझा, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में आए दिन फेस उड़ने की समस्या बनी रहती है। कभी होली वाला मोहल्ला, तो कभी रीढ़ा, पुराना डाकखाना और रमाकांत वाटिका क्षेत्र के लोग बिजली संकट से जूझते रहते हैं। रात के समय बार-बार बिजली जाने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही और भीषण गर्मी में हालात और भी खराब हो जाते हैं।
वरिष्ठ उपभोक्ता एवं बलदेव विकास समिति के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पांडेय ने बताया कि कस्बे में कई स्थानों पर जर्जर विद्युत लाइनें अब तक नहीं बदली गई हैं, जो समस्या की मुख्य वजह हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रमाकांत वाटिका से पुराना डाकखाना जोड़ा जाए, जिससे कोल्हू पोखर पर पड़ने वाला लोड कम हो सके। इसके अलावा सराय मोहल्ला से जवाहर रोड को जोड़ने और ट्रांसफार्मरों में तेल का स्तर पूर्ण कराने की भी आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कोल्हू पोखर क्षेत्र के ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाए, ताकि बढ़ते लोड को संभाला जा सके।
एसडीओ और जेई भी तकनीकी स्तर पर समस्या का समाधान करने में विफल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एसडीओ और जेई भी तकनीकी स्तर पर समस्या का समाधान करने में विफल साबित हो रहे हैं, लेकिन एसई देहात इस पूरे मामले में कोई रुचि नहीं ले रहे। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कस्बावासियों का कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही मंदिरों में आने वाले श्रद्धालु भी इस अव्यवस्था से परेशान हैं, जिससे क्षेत्र की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि जब शिकायतें सीधे व्हाट्सऐप ग्रुप में अधिकारियों तक पहुंच रही हैं, तब भी कार्रवाई न होना विभाग की गंभीर उदासीनता को दर्शाता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि आखिर कब एसई देहात इस समस्या को गंभीरता से लेकर समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे।

