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Wed. Apr 29th, 2026

90 साल की महिला का मानहानि के केस में सेटलमेंट से इनकार, HC ने कहा- 2046 के बाद करेंगे सुनवाई

  • बॉम्बे हाई कोर्ट ने 90 वर्षीय महिला द्वारा समझौता करने से इनकार करने के बाद 20 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे की सुनवाई 2046 तक के लिए टाल दी है

नई दिल्ली : बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को दक्षिण मुंबई की एक हाउसिंग सोसाइटी की मैनेजिंग कमेटी के सदस्यों के खिलाफ 20 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे की सुनवाई 2046 तक के लिए टाल दी। यह मुकदमा एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला और उनकी बेटी द्वारा दायर किया गया है।

लगभग दस साल पहले सोसाइटी में मरम्मत और रखरखाव के लिए फंड जमा करने को लेकर विवाद हुआ था। सोसाइटी की बैठक की मिनट्स में इस महिला को डिफॉल्टर बताया गया, जिसके बाद महिला ने मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया।

हाईकोर्ट का प्रयास के वाावजूद महिला का इनकार

20 अप्रैल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों से समझौता करने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन ने कहा था कि मामले को आसानी से सुलझाया जा सकता है, अगर प्रतिवादी (डिफेंडेंट्स) बिना शर्त माफी मांग लें।

मंगलवार को जब मामला सुनवाई के लिए आया, तो पूर्व कमेटी सदस्यों की ओर से ALMT लीगल ने कोर्ट को बताया कि वे बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं। हालांकि, लगभग 90 वर्षीय महिला ने अभी भी मुकदमा आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने समझौता करने से साफ इनकार कर दिया।

कोर्ट का सख्त रुख

न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन ने कहा कि मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता, सिवाय इसके कि इस मामले को अगले 20 वर्षों तक सूचीबद्ध न किया जाए। हाई कोर्ट ने एक पेज के आदेश में कोर्ट ने कहा कि यह उन मामलों में से एक है जहां पक्षकारों के बीच जीवन के अंतिम पड़ाव में अहंकार की लड़ाई न्यायिक प्रणाली को जाम कर रही है। इससे उन महत्वपूर्ण मामलों को प्राथमिकता देने में बाधा आ रही है, जिन्हें वास्तव में अधिक ध्यान की जरूरत है।

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