दैनिक उजाला, मथुरा: जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता और अपने मजबूत प्लेसमेंट रिकॉर्ड का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विश्वविद्यालय के बीटेक (कंप्यूटर साइंस) एवं एमसीए के 312 छात्रों का चयन प्रतिष्ठित कंपनी कैपजेमिनी में 5.50 लाख रुपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है। इतनी बड़ी संख्या में हुआ चयन न केवल विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह दर्शाता है कि जीएलए के छात्र देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।
इस उपलब्धि के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत, संकाय का मार्गदर्शन और विश्वविद्यालय की उद्योग उन्मुख शिक्षण प्रणाली की अहम भूमिका रही है। चयन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को कई कठिन चरणों लिखित परीक्षा, तकनीकी मूल्यांकन, समूह चर्चा एवं मौखिक साक्षात्कार से गुजरना पड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी प्रतिभा और कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता हासिल की।
यदि पिछले वर्षों के प्लेसमेंट आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जीएलए का ग्राफ लगातार ऊंचाई की ओर बढ़ता दिखाई देता है। वर्ष 2022 में 186 छात्रों का चयन हुआ था, जो 2023 में बढ़कर 228 हो गया। वर्ष 2024 में यह संख्या 170 रही, जबकि 2025 में 278 छात्रों का चयन हुआ और अब 2025-26 सत्र में यह आंकड़ा 312 तक पहुंच गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशिक्षण पद्धति और कॉर्पोरेट कनेक्ट लगातार मजबूत हो रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

कैपजेमिनी और जीएलए विश्वविद्यालय के बीच वर्षों पुराना सशक्त संबंध रहा है। कंपनी हर वर्ष कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से बड़ी संख्या में छात्रों को रोजगार प्रदान करती है। छात्रों को उद्योग के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से कंपनी ने विश्वविद्यालय परिसर में ही कोड एक्सपीरियेंस सेंटर (सीईसी) लैब स्थापित की है। इस लैब के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को ब्रिज लैब में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है, जहां वे वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर अपने तकनीकी कौशल को और अधिक परिष्कृत करते हैं। इससे छात्रों को नौकरी शुरू करने से पहले ही उद्योग का व्यावहारिक अनुभव मिल जाता है।
बड़ी कंपनियां यहां के छात्रों पर भरोसा जताती हैं
चयनित छात्र शिवम राय एवं शिवा गौतम ने संयुक्त रूप से कहा कि विश्वविद्यालय में मिले प्रशिक्षण, मॉक इंटरव्यू और फैकल्टी के मार्गदर्शन ने हमें पूरी तरह तैयार किया। कई चरणों की चयन प्रक्रिया पार करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यहां के वातावरण ने हमें आत्मविश्वास दिया। सीईसी लैब और ब्रिज ट्रेनिंग के कारण हमें इंडस्ट्री का वास्तविक अनुभव मिला, जिससे इंटरव्यू में काफी मदद मिली और हम सफलता हासिल कर सके। उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय में स्थापित अत्याधुनिक लैब, अनुभवी संकाय और उद्योग से मजबूत जुड़ाव ही जीएलए को अन्य संस्थानों से अलग पहचान दिलाते हैं। यही कारण है कि बड़ी कंपनियां यहां के छात्रों पर भरोसा जताती हैं और हर वर्ष अधिक संख्या में चयन करती हैं।
जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योग के लिए पूरी तरह तैयार करना है। लगातार बढ़ता प्लेसमेंट ग्राफ इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय सही दिशा में कार्य कर रहा है। आने वाले वर्षों में हम और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जीएलए ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग के साथ-साथ ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट तथा संबंधित विभागों के शिक्षकों के समर्पित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जहां ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग प्रतिष्ठित कंपनियों को कैंपस तक लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वहीं ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट और शैक्षणिक विभागों के शिक्षक विद्यार्थियों को इंडस्ट्री के अनुरूप तैयार करते हैं। इन सभी के समन्वित प्रयास ही इस बड़ी सफलता के मूल आधार हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के संयुक्त प्रयासों से विश्वविद्यालय और भी बड़े प्लेसमेंट रिकॉर्ड स्थापित करेगा।

