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Thu. Oct 8th, 2026

सालों तक रोज 60 सिगरेट पीते थे नाना पाटेकर, फिर एक दिन अचानक लगा ब्रेक! भावुक कर देगी स्मोकिंग छोड़ने की कहानी

  • अभिनेता नाना पाटेकर के 75 वर्ष की आयु में कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया, नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू में स्मोकिंग छोड़ने की कहानी बताई थी

नई दिल्ली : दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें गोवा के उनके घर में बेहोश पाया गया। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टर्स ने उन्हें बचाने के लिए 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 

अपनी दमदार एक्टिंग से नाना पाटेकर ने लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी थी। उन्होंने वेलकम, तिरंगा, अग्नि साक्षी जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। हालांकि, नाना पाटेकर किसी जमाने में चेन स्मोकर हुआ करते थे। आइए जानें नाना पाटेकर ने कैसे चेन स्मोकिंग की आदत छोड़ी थी और कैसे स्मोकिंग दिल को नुकसान पहुंचाती है। 

नाना पाटेकर ने कैसे छोड़ी थी स्मोकिंग की लत? 

एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने बताया था कि 56 साल की उम्र तक वो हर दिन लगभग 60 सिगरेट पीते थे, लेकिन 2007-08 के दौरान उन्होंने अचानक स्मोकिंग छोड़ दी। एक दूसरे इंटरव्यू में इस फैसले की वजह बताते हुए नाना ने कहा था कि उनकी एक दोस्त की पत्नी, जिन्हें वो अपनी बहन जैसा मानते हैं, ने अपने इकलौते बेटे को खो दिया था।

उस वक्त उन्हें खांसी हो रही थी और उन्हें देखकर उनकी दोस्त की पत्नी ने कहा कि अभी मुझे क्या-क्या देखना है! उनकी इस बात से नाना इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने स्मोकिंग की आदत से हमेशा के लिए दूरी बना ली। 

कैसे दिल के लिए खतरनाक है स्मोकिंग? 

NIH के मुताबिक, स्मोकिंग दिल की बीमारियों का एक सबसे बड़ा कारण है। जब आप सिगरेट पीते हैं, तो धुएं के साथ अंदर जाने वाले हानिकारक केमिकल ब्लड वेसल्स और दिल को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। स्मोकिंग की वजह से आर्टरीज में एथेरोस्क्लेरोसिस यानी प्लाक जमने लगता है। इस वजह से शरीर का ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। 

ये गहलफहमी खतरनाक है कि सिर्फ ज्यादा सिगरेट पीने से ही नुकसान होता है। कभी-कभार या कम मात्रा में स्मोकिंग भी दिल और ब्लड वेसल्स को उतना ही नुकसान पहुंचा सकती है। खासकर, अगर किसी को पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल या मोटापे की समस्या है। ऐसी स्थिति में दिल की बीमारियों का खतरा और भी बढ़ जाता है। 

स्मोकिंग की वजह से पेरिफेरल आर्टरी डिजीज का खतरा भी बढ़ जाता है। इस कंडिशन में आर्टरीज में प्लाक जम जाता है, जिससे सिर, हाथ-पैर और दूसरे ऑर्गन्स तक खून ले जाने वाली आर्टरी संकरी या ब्लॉक हो जाती है। इस वजह से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम काफी बढ़ जाता है। 

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