- दिल्ली हाई कोर्ट ने रेसकोर्स मस्जिद की बिजली-पानी आपूर्ति बिना नोटिस काटे जाने पर नाराजगी जताई है
नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट ने रेसकोर्स मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बिना नोटिस काटे जाने पर नाराजगी जताई है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) से कहा कि बिना नोटिस दिए बिजली आपूर्ति नहीं काटी जा सकती।
अदालत ने मस्जिद के इमाम की अपील पर सुनवाई करते हुए एनडीएमसी और दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी।
मस्जिद के इमाम ने दाखिल की अपील
मस्जिद के इमाम मोहम्मद हारून ने एकल पीठ के 15 अक्टूबर के आदेश को चुनौती देते हुए अपील दाखिल की है। एकल पीठ ने मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी थी।
इमाम की ओर से पेश अधिवक्ता एम सुफियान सिद्दीकी ने दलील दी कि मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति संबंधित कानूनों और नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया अपनाए बिना काट दी गई।
झुग्गियों को हटाने का आदेश
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और एनडीएमसी मस्जिद के आसपास की झुग्गियों को हटाने से जुड़े एक पुराने अदालती आदेश का हवाला दे रहे हैं, जबकि मस्जिद उस मामले में पक्षकार नहीं थी। ऐसे में झुग्गियों को हटाने के आदेश को मस्जिद पर लागू नहीं किया जा सकता।
याचिका में कहा गया है कि रेसकोर्स क्लब परिसर में स्थित मस्जिद वक्फ बोर्ड की अधिसूचित संपत्ति है। इसे वर्ष 2009 में ग्रेड-2 विरासत संरचना के रूप में भी अधिसूचित किया गया था। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई है कि आसपास की जमीन को खाली कराने की केंद्र सरकार की कार्रवाई के चलते मस्जिद को भी हटाया जा सकता है।
29 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को बताया था कि वह दिल्ली वक्फ बोर्ड के प्रतिवेदन पर चार सप्ताह में निर्णय लेगी और तब तक मस्जिद के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

