- दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और सुप्रीम कोर्ट के रुख पर सवाल उठाए, कांग्रेस नेता ने वोट चोरी और चंदा चोरी को पार्टी के बड़े मुद्दे बताते हुए सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का जिक्र किया
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिस पर सियासत गरमा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सुप्रीम कोर्ट भी उनकी बात नहीं सुनेगा तो देश में लोकतंत्र कैसे बचेगा? दिग्विजय सिंह ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव आयोग होना जरूरी है। उन्होंने वोट चोरी और चंदा चोरी को कांग्रेस के दो बड़े मुद्दे बताते हुए इन पर अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कही।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग की भूमिका बेहद अहम है। चुनाव कराने वाली संस्था का निष्पक्ष होना जरूरी है, लेकिन अब वोटर रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी भी चुनाव आयोग ने अपने हाथों में ले ली है। कांग्रेस इस तरह की व्यवस्था को स्वीकार नहीं कर सकती।
वोट चोरी और चंदा चोरी पर कांग्रेस का जोर
दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस के सामने फिलहाल दो बड़े मुद्दे हैं। पहला वोट चोरी और दूसरा चंदा चोरी। पार्टी इन दोनों मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने बताया कि इन्हीं विषयों को लेकर सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाली जा रही है।
कांग्रेस नेता का कहना है कि चुनाव में वोट की अहमियत सबसे ज्यादा है। अगर वोटर रजिस्ट्रेशन और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते हैं तो उन्हें गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसी तरह राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे को लेकर भी पारदर्शिता जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट को लेकर भी जताई नाराजगी
दिग्विजय सिंह ने अपनी बात रखते हुए सुप्रीम कोर्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि अगर अदालत उनकी बात ही नहीं सुनेगी तो लोकतंत्र कैसे बचेगा? उनके इस बयान से साफ है कि कांग्रेस चुनाव आयोग के साथ-साथ न्यायपालिका के सामने भी अपनी चिंताएं रखना चाहती है।
उन्होंने एक बार फिर निष्पक्ष चुनाव आयोग को स्वस्थ लोकतंत्र की जरूरत बताया। दिग्विजय सिंह के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
कांग्रेस नेता के इस बयान से चुनाव आयोग की भूमिका, वोटर रजिस्ट्रेशन और राजनीतिक चंदे का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर कांग्रेस और सत्तापक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ सकता है।

