Breaking
Mon. Oct 12th, 2026

संस्कृति विवि दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल, युवा नौकरी खोजने वाले नहीं नौकरी देने वाले बनें

संस्कृति विश्वविद्यालय के 7वां दीक्षांत समारोह का दीप जलाकर शुभारंभ करते मुख्य अतिथि राज्यपाल थावरचंद्र गहलौत, साथ में कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता, कुलपति प्रो.एमबी चेट्टी, सीईओ डा. मीनाक्षी शर्मा आदि।

दैनिक उजाला, मथुरा : संस्कृति विश्वविद्यालय का 7वां दीक्षांत समारोह भव्यता और अकादमिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद्र गहलौत उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने की।
समारोह में वर्ष 2025 और 2026 में उत्तीर्ण होने वाले कुल 4,141 विद्यार्थियों को उपाधि और डिप्लोमा प्रदान किए गए, जिसमें मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक से भी नवाजा गया।

संस्कृति विश्वविद्यालय के 7वां दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते कर्नाटक राज्य के राज्यपाल थावर सिंह गहलौत।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राज्यपाल थावर चंद्र गहलौत ने सफल विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और गुरुजनों को बधाई दी। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, मैं चाहता हूँ कि आप नौकरी खोजने वाले की बजाय रोजगार निर्माता बनने का सपना देखें। उन्होंने कहा कि यदि युवा एक सफल स्टार्टअप स्थापित कर दूसरों को रोजगार देते हैं, तो यह उनकी व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ राष्ट्र की आर्थिक शक्ति को भी मजबूत करेगा।

राज्यपाल ने भारत की प्राचीन समृद्ध ज्ञान परंपरा का स्मरण कराते हुए तक्षशिला और नालंदा का उदाहरण दिया और कहा कि आज के डिजिटल क्रांति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में भारतीय ज्ञान की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए शोधकर्ताओं से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, सतत कृषि, साइबर सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी देश की वास्तविक समस्याओं पर केंद्रित रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम करें।

मथुरा की पावन भूमि और भगवान श्रीकृष्ण के कर्म संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन’ का संदेश आज भी बेहद प्रासंगिक है। छात्रों को परिणाम की चिंता छोड़कर अपने निरंतर प्रयासों की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपकी उपाधि आपकी उपलब्धि है, आपका चरित्र आपकी पहचान है और परिवार व राष्ट्र के प्रति आपका योगदान ही आपकी सबसे बड़ी सफलता होगी।

सुबह से ही विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव का माहौल था। डिग्री धारक छात्र-छात्राएं पारंपरिक ‘स्टोल’ पहनकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे थे। समारोह दीप प्रज्ज्वलन और वंदेमातरम के साथ हुआ। भव्य अकादमिक जुलूस ने संस्कृति विवि के मैदान में बने समारोह स्थल में प्रवेश किया। बेहद अनुशासित तरीके से सभी स्नातक, अभिभावक, शिक्षक और अतिथि दीक्षांत हॉल में अपने निर्धारित स्थानों पर आसन ग्रहण कर चुके थे।

पारंपरिक पोषाक धारण किए हुए मुख्य अतिथि कर्नाटक राज्य के राज्यपाल थावर सिंह गहलौत, कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता, कुलपति प्रो.एमबी चेट्टी, सीईओ डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा व अन्य मंच पर आसीन हुए।

कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने ‘दीक्षांत समारोह के शुभारंभ’ की आधिकारिक घोषणा की। कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने अतिथियों के स्वागत भाषण के साथ संस्कृति विवि की उपलब्धियों से जुड़ी वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी।

उन्होंने बताया कि हमारे कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता की बहुआयामी सोच का ही परिणाम कि 2016 में स्थापित संस्कृति विवि ने इतने कम समय में देश और दुनिया में इतना नाम अर्जित किया। 2025 और 2026 के सत्र भी इस यात्रा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दौरान शिक्षा को और बेहतर बनाने, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने, औद्यौगिक जुड़ाव को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया गया।

समारोह में संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि तकदीर बन जाती है, इंसान खुद पर आ जाए तो तसवीर बन जाती है। हमारे यहां 55 स्टार्टअप चल रहे हैं। हमारे विवि ने देश में सबसे ज्यादा पेटेंट दाखिल किए हैं। विवि में एआई लैब स्थापित किया गया है ताकि विद्यार्थी अपने भविष्य की इमारत खड़ी करने में सक्षम हों। इस वर्ष हमने 100 स्टार्टअप शुरू करने का टार्गेट निर्धारित किया है। हम इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग भी ले रहे हैं। आपको अपना भविष्य तय करने के लिए एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित करना होगा। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए योजना बनाइए विश्वविद्यालय हर सहयोग के लिए आपके साथ है।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा 49 शोधार्थियों को स्वयं अपने हाथों से उपाधि वितरित की गई। साथ ही विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। कुलाधिपति द्वारा दीक्षांत समारोह के समापन की घोषणा की गई।

अंत में पुनः राष्ट्रगान हुआ और अकादमिक जुलूस के हॉल से प्रस्थान करने के साथ ही कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसके बाद छात्रों ने अपने-अपने डीन से डिग्रियां प्राप्त कीं और परिसर में बने विशेष फोटो-बूथों पर तस्वीरें खिंचवाकर इस ऐतिहासिक दिन की यादों को संजोया।

इस मौके पर कुलाधिपति के सलाहकार डा. अनिल माथुर, पीसी छाबरा, डा. योगेंद्र कौशिक, मुख्य अतिथि के डिप्टी सेक्रेटरी योगेश उपाध्याय, ओएसडी आदर्श पासवान, एडीसी अभिनव कुमार, उद्योगपति आशीष सरना, प्रवीन खन्ना आदि की मौजूदगी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। समारोह का कुशल संचालन संस्कृति विवि की असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सैना ने किया।

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *