दैनिक उजाला, मथुरा: जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में दस दिवसीय भारतीय भाषा इंटर्नशिप प्रोग्राम 2.0 का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोते हुए ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’’ की भावना को सशक्त बनाना है। इस विशेष कार्यक्रम में कोयंबटूर-तमिलनाडु से आए छात्र हिंदी भाषा, उत्तर भारत की संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा, योग, अध्यात्म, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों का अध्ययन एवं अनुभव प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के संगठन मंत्री एवं मुख्य अतिथि केएन रघुनंदन, वीबीयूएसएस के वाइस प्रेसीडेंट विशिष्ट अतिथि श्रीप्रकाश चन्द्र, जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह, वीबीयूएसएस के प्रेसीडेंट प्रो. रबी नारायण कर, एनईसी सदस्य प्रो. शिवराज, प्रांत अध्यक्ष डा. कनोडिया, तमिल शिक्षक प्रो. एस. मणि, वाइस प्रेसीडेंट प्रो. कुशा तिवारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जीएलए विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन इंडियन नॉलेज सिस्टम के असिस्टेंट प्रोफेसर अभिनव तिवारी ने बताया कि आगामी दस दिनों में विद्यार्थियों को हिंदी भाषा के व्यवहारिक ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति, दर्शन, साहित्य, योग, आयुर्वेद, लोक परंपराओं तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली से परिचित कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को उत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर भी मिलेगा।
मुख्य अतिथि केएन रघुनंदन ने कहा कि भारत की विविध भाषाएं, परंपराएं और जीवनशैलियां भले अलग-अलग दिखाई देती हों, लेकिन उनकी आत्मा एक है। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा इंटर्नशिप प्रोग्राम केवल भाषा सीखने का मंच नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकात्मता और साझा विरासत को समझने का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर का उपयोग भारत की सांस्कृतिक गहराइयों को समझने और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से जुड़ने के लिए करें।
कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश दोनों ही भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि आप अपनी समृद्ध दक्षिण भारतीय संस्कृति हमारे साथ साझा करें और यहां की उत्तर भारत की संस्कृति, लोक परंपराओं तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को समझें। उन्होंने देश, राष्ट्र एवं राष्ट्र की चिति की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति और साझा भावनात्मक चेतना में निहित होती है। भारत को उसकी संपूर्णता में समझने के लिए उसकी भाषाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जानना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से खुलकर संवाद करने और जिज्ञासाओं को प्रश्नों के माध्यम से व्यक्त करने का आह्वान किया।
वीबीयूएसएस के प्रेसीडेंट प्रो. रबी नारायण कर ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एकता हजारों वर्षों से विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ती रही है। उन्होंने विद्या भारती और वीबीयूएसएस की शैक्षिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भारत की सांस्कृतिक निरंतरता और एकात्मता को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रज और तमिल संस्कृति दोनों भारतीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं और इनके मध्य संवाद राष्ट्रीय समरसता को और मजबूत करेगा।
वीबीयूएसएस की वाइस प्रेसीडेंट प्रो. कुशा तिवारी ने बताया कि वीबीयूएसएस ने वर्ष 2024 में इंटर्नशिप वर्टिकल की शुरुआत युवा विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा इंटर्नशिप प्रोग्राम 2.0 भारत सरकार के ‘‘काशी तमिल संगम’’ की भावना के अनुरूप है।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर विद्यार्थियों के लिए योग एवं मेडिटेशन सत्र, श्रीमद्भगवद्गीता एवं भारतीय साहित्य पर व्याख्यान, हिंदी भाषा का आधारभूत परिचय तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली के अंतर्गत प्राचीन भारतीय आयुर्वेद विषय पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। साथ ही विभिन्न खेल गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आपसी संवाद और सहभागिता का अवसर प्रदान किया गया। आयोजकों ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल योग एवं ध्यान सत्र आयोजित किए जाएंगे।
दस दिवसीय इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, लोक साहित्य, दर्शन, अध्यात्म, भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय जीवन मूल्यों से परिचित कराने के लिए अनेक विशेषज्ञ व्याख्यान, संवाद सत्र और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक समझ, भाषाई सम्मान और राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती प्रदान करेगा।
कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता और कुलसचिव अशोक कुमार सिंह सभी अतिथियांे का स्वागत कर उनसे परिचित हुए।
इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन जीएलए अंग्रेजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. विवेक मेहरोत्रा ने किया। इस मौके पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. हिमांशु शर्मा, डा. विजय द्विवेदी, डा. आशीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।

