भोपाल : राजधानी भोपाल में आज ईद-उल-अजहा (बकरीद) अकीदत, अमन और भाईचारे के माहौल में मनाई जा रही है। सुबह से ही शहर की ईदगाहों और मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने पहुंचे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
ताज-उल-मसाजिद में ईद-उल-अजहा के मौके पर अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर देश में अमन, भाईचारे और इंसाफ कायम रहने की दुआ मांगी। नमाज के बाद इमाम द्वारा की गई खास दुआ में समाज और देश से जुड़े कई अहम मुद्दों को उठाया गया।

ताज-उल-मसाजिद में सुबह 7 बजे नमा अदा की गई।

अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर देश में अमन, भाईचारे और इंसाफ कायम रहने की दुआ मांगी।

नमाज में छोटे बच्चे भी शामिल रहे।
इमाम बोले- एकता से ही देश की तरक्की संभव
दुआ में अल्लाह से समाज में फैली बुराइयों को दूर करने और मुल्क में इंसाफ का मजबूत निजाम कायम करने की गुजारिश की गई। देश में अमन-ओ-अमान, आपसी भाईचारा और हर तरह के फितनों से हिफाजत की दुआ मांगी गई।
इमाम ने कहा कि देश की तरक्की तभी संभव है, जब समाज में एकता, प्रेम और न्याय का वातावरण बना रहे। प्रदेश की खुशहाली, विकास और स्थिरता के लिए भी विशेष प्रार्थना की गई। साथ ही बेरोजगारों को रोजगार, बीमारों को शिफा और परेशान लोगों को राहत देने की दुआ मांगी गई।
मदरसों, मस्जिदों और सामाजिक संस्थाओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष दुआ की गई। दीन की खिदमत में लगे लोगों के लिए रहमत और हिफाजत की कामना की गई। अंत में तमाम लोगों की जायज जरूरतें पूरी होने और दुआओं के कबूल होने की प्रार्थना के साथ नमाज संपन्न हुई।
नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया।
निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी, सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर न करने की अपील
बकरीद के मौके पर मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने कुर्बानी को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी निर्देशों के मुताबिक, कुर्बानी केवल निर्धारित और चिन्हित स्थानों पर ही की जाए।
ऐसे स्थानों को चारों तरफ से दीवार या टीन शेड से ढंकने और आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्वच्छता और व्यवस्था बनी रहे। साथ ही कुर्बानी के फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने से बचने की अपील भी की गई है।
कुर्बानी से जुड़े प्रमुख निर्देश
- कुर्बानी केवल निर्धारित और चिन्हित स्थानों पर ही की जाए।
- कुर्बानी स्थल को चारों ओर से दीवार/टीन शेड से ढंककर व्यवस्थित किया जाए।
- स्थल पर आवश्यक सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।
- कुर्बानी के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और इसे धार्मिक जिम्मेदारी समझा जाए।
- कुर्बानी के बाद अवशेषों का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाए।
- अवशेषों को खुले में न छोड़ें, इसके लिए नगर निगम/स्थानीय निकाय से समन्वय करें।
- प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करें और शासन के सभी नियमों का पालन करें।
- कुर्बानी के फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल न करें।
- ईद की नमाज केवल ईदगाह और मस्जिद परिसरों में ही अदा करें।
- सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा करने से बचें।
- किसी भी प्रकार की व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन से समन्वय बनाए रखें।

